एक औरत की चाह – मीनाक्षी सिंह

एक औरत को क्या चाहिए बस सर्दियों में उसके कपड़े सूख जायें और उनको धूप लग जायें ! बस,, इतने में ही खुश हो जाती हैँ ! खाना बनायें तो सब इतना कह दें बस ,,अच्छा बना हैँ इतने में ही उसका दिल गदगद जो जाता हैँ ! पूरे दिन घर की उन जगहों की … Read more

जीने का सहारा – प्रीती वर्मा

रीना!बिटिया ये मेरे मोबाइल में जरा वो बना देना जरा!क्या बोलते हैं,,,,, फेसबुक! फेसबुक आईडी??मैने कहा! हां हां !उन्होंने सर हिलाते हुए कहा! और फोन मेरे तरफ बढ़ाने लगीं! अरे वाह काकी!आपने तो नया वो भी स्मार्ट फोन ले लिया!आपको इसकी क्या जरूरत?और फेसबुक पर आपको क्या काम?इस उमर में नया चश्का लगा है!मैने काकी … Read more

सहारा नहीं साथ चाहिए – संगीता त्रिपाठी

 “इस उम्र में आ कर आपको क्या सूझी है, आपको पैसों की कमी है तो हमसे ले लीजिये, पर इस तरह हमारी इज्जत का मजाक न उड़वाएं, आपको हमेशा आगे बढ़ कर सहारा दिया है, फिर भी आपने एक बार न सोचा, आपके निर्णय से हमें कैसा लगेगा “बेटे की अदालत में माँ कठघरे में … Read more

दूसरी सास – सरोज प्रजापति 

किरण अपने बेटे को नहला रही थी कि तभी उसके फोन की घंटी बज उठी। बेटे को बाथरूम में अकेला छोड़ कर वह जा नहीं सकती थी इसलिए वह जल्दी जल्दी उसे नहलाने लगी। उधर फोन था कि बार-बार बजे ही जा रहा था। फोन की लगातार बजती घंटियां सुनकर किरण थोड़ा परेशान हो गई। … Read more

ननद की सीख  – पूजा मनोज अग्रवाल

रिया,,,,, रिया,,,,  अरे !  कहां हो तुम …?  …आज तुम्हारे मां पिताजी सक्रांति का त्योहार लेकर आने वाले हैं ना …. देखो तो एक बार फ़ोन मिला कर पूछ लो ,,, उन्हें देरी क्यों हो रही है,,,,? मालती जी ने अपनी नव विवाहिता बहु रिया से कहा । रिया की शादी के बाद यह उसका … Read more

 इक बंगला बने न्यारा – लतिका श्रीवास्तव 

..पापा आप लोग हम लोगों के साथ नहीं रहेंगे….आनंदी का ऐसा मानना है ….अब उसे भी शानदार जॉब मिल गया है…बहुत व्यस्त हो गई है….अनिमेष फोन पर कह रहा था और इधर सुधीर जी की आंखों में आंसू और दिल में दफ्न  मकान की ख्वाहिश अचानक उभर कर फिर से सांसे लेने लगी थी…बुढ़ापे का … Read more

सबै दिन होत न एक समान – कुमुद चतुर्वेदी

पूजा अपने माँ,बाप की लाड़ली और इकलौती संतान होने के कारण स्वभाव से जिद्दी और मनमौजी हो गई थी।हालाँकि माला उसको गलत बात पर  डाँटती भी थी पर वह पापा से माँ की शिकायत करती तो मनोहर उसीके सामने माला से कहते “अरे हमारी पूजा बहुत समझदार है वह कभी कोई गलती नहीं कर सकती,अभी … Read more

तू मेरा सहारा है-मैं तेरा सहारा हूं – कुमुद मोहन 

अरे, नीता सुना तुने मंजु की बेटी जिया की शादी कितनी बढ़िया जगह तय हुई है। लड़का मुंबई की बहुत बड़ी कम्पनी का सी.ई.ओ है। सबसे बड़ी बात यह है कि वे लोग दहेज भी नहीं मांग रहे। अंजु ने एक सांस में नीता के आगे लड़के का बायोडाटा खोल कर रख दिया। नीता- ये … Read more

एक सहारा ऐसा भी  – अमिता गुप्ता “नव्या”

सोहनलाल एक विशाल बरगद के पेड़ के नीचे बैठे, अपने जीवन के बिताए 75 वर्षों की स्मृतियों में गोता लगा रहे थे। पत्नी सुशीला के स्वर्गवास के उपरांत बेटे बहू के द्वारा उपेक्षा, अनादर मिलना उनके अंतर्मन को कचोट रहा था। कितना निस्सहाय महसूस कर रहे थे… पूरी जमीन जायदाद बेटों के नाम कर दी, … Read more

ममता का कर्ज़ – कल्पना मिश्रा

“डॉक्टर साहब, जब आप छुट्टी पर थे तब कोई आदमी एक बुढ़िया को यहाँ भर्ती कराकर चला गया है और तबसे आजतक वापस लौट कर नही आया। दिक्कत ये है कि वह बुढ़िया अपने बारे में कुछ भी नही बता पा रही है। हमनें बहुत कोशिश किया पर भर्ती कराने वाले ने अपना नाम, पता … Read more

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