संवेदना का ताप – रश्मि वैभव गर्ग : Moral Stories in Hindi

तड़के ही निशा का फोन आया , कि दीदी आज मैं काम पर नहीं आ पाऊँगी , मुझे तेज़ बुखार आ रहा है… आप आज कैसे भी काम चला लो , मैं कल से अपनी बेटी को भेज दूँगी, आज उसका इम्तिहान है , इसलिए वो नहीं आ पायेगी । सुबह सुबह निशा के फ़ोन … Read more

टका सा मुंह ले कर रह जाना – खुशी : Moral Stories in Hindi

राधा एक गृहिणी थी और सुबह पति बच्चो के जाने के बाद आस पड़ोस में घुम कर दूसरे के घर में क्या चल रहा है इसकी टोह लेती थी।पहले पहल तो लोग हमदर्दी में और विश्वास से अपनी बाते बताते पर जब वही बाते उन्हें अपने बारे में नमक मिर्च लगी हुई सुनने को मिलती … Read more

टका सा मुँह लेकर रह जाना – रीतिका सोनाली : Moral Stories in Hindi

ससुर के वर्षगांठ की तैयारियों के बीच अचानक सुधा चिल्ला पड़ी। कर ही तो रही हूँ अब क्या चूल्हे में झोंक दूँ ख़ुद को और अपने बच्चे को ! दुध पिते बच्चे को छोड़कर सुधा रसोई का काम संभालने में लगी है तीन दिनों से। घर का अच्छा बेटा बनने के चक्कर में कैलाश सुधा … Read more

स्नेह का बंधन – सीमा गुप्ता : Moral Stories in Hindi

मेरा बेटा संकल्प घर आकर बहुत खुश है। दादी और मम्मी-पापा के दुलार की अनुभूति अलग ही होती है। पर पुणे और गुड़गांव के मौसम में अंतर के कारण, गुड़गांव आने पर जनवरी की सर्दी उसे जकड़ लेती है। उसे लगातार छींकें आने लगती हैं। मां जी (संकल्प की दादी) उसे काढ़ा बनाकर पिलाती हैं। … Read more

दिल के तार – विभा गुप्ता : Moral Stories in Hindi

        ” मम्मी जी, पापाजी तो अब रहें नहीं ,तो अब उनकी बात का क्या महत्त्व।एक नौकरी करने वाले परिवार में हमारी पूजा कैसे रह पायेगी।” कविता अपनी सास को समझाते हुए बोली तब पास खड़ी उसकी देवरानी मंजू भी उसकी उसकी हाँ में हाँ मिलाते हुए बोली,” हाँ मम्मी जी..मेरा भी यही कहना है कि … Read more

उपहार ना बने उपहास – रश्मि प्रकाश : Moral Stories in Hindi

“रमा बहू बिटिया की शादी का न्योता सबको दे दिया हो तो जरा मुझे भी वो लिस्ट दिखा देना… एक बार देख लूँ  कोई रह तो नहीं गया है?” सुलोचना जी बहू से बोली रमा जो बेटी की ब्याह की तैयारियों में व्यस्त थी पास रखी एक डायरी उठा कर सास को पकड़ा दी। सुलोचना … Read more

पर उपदेश कुशल बहु तेरे – उमा महाजन : Moral Stories in Hindi

कल फिर रात में बहू-बेटे के कमरे से आती झगड़ने की ऊंची आवाजों से वृद्ध सास-ससुर बुरी तरह से आहत थे। बार-बार समझाने के बावजूद बेटा कल देर रात फिर शराब पीकर घर आया था और ऊंची आवाज में अपनी पत्नी के साथ गाली-गलौज कर रहा था।  ऐसी स्थिति में हमेशा ही नशे में धुत्त … Read more

ये बंधन है नेह का – श्वेता अग्रवाल : Moral Stories in Hindi

शर्माती,लजाती लाल जोड़े में लिपटी पीहू ने जैसे ही चावल भरे कलश को गिराकर गृह-प्रवेश किया,वैसे ही उसकी जेठानी मुग्धा ने उसे गले से लगा लिया और धीरे से उसके कान में प्यार से बोली “टेंशन मत लो, मैं हूँ ना।” इतना वात्सलय और अपनापन था उन शब्दों में कि पलभर में ही पीहू का … Read more

नाम – विभा गुप्ता : Moral Stories in Hindi

     दादी ने नितिन को बताया कि तेरे से खेलने के लिये घर में एक छोटी बहन आ गई है, सुनकर वो खुशी-से नाचने लगा।वो दादी से पूछा,” उसका क्या नाम रखेंगे दादी..।” नितिन की जिज्ञासा देखकर दादी मुस्कुरा दी।      छठी के बाद घर के सभी लोग बड़े हाॅल में जमा हुए।बड़े दिनों बाद घर में … Read more

टका सा मुँह लेकर रह जाना – डॉ ऋतु अग्रवाल : Moral Stories in Hindi

    “क्या मम्मी! भाभी की दो साड़ियाँ ही तो ली हैं मैंने। भाभी को तो शादी में ससुराल और मायके दोनों ही तरफ़ से इतनी साड़ियाँ मिली है। अगर मैं दो-तीन साड़ियाँ ले भी लूँगी तो क्या ही फ़र्क पड़ जाएगा। आखिर यह मेरा मायका है, मेरा हक़ है।” तृषा ने तुनक कर कहा जो कि … Read more

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