विरासत खून से नहीं, संस्कारों से मिलती है – रोनिता कुंडु
“अब एक पल भी… बस एक पल भी मैं इस गँवार और सुस्त औरत के साथ नहीं रह सकता! मेरा स्टैंडर्ड, मेरी रेप्युटेशन, सब मिट्टी में मिला दिया है इसने!” विक्रम की दहाड़ से पूरे बंगले की दीवारें जैसे कांप उठी थीं। लिविंग रूम के बीचों-बीच इटैलियन मार्बल के फर्श पर एक टूटी हुई एंटीक … Read more