खोखली दीवारें – रश्मि प्रकाश
कहीं बहु ने ससुराल की बातें अपने मायके में जग-जाहिर कर दी तो?? रसोई के दरवाजे की ओट में खड़ी सुलोचना देवी की सांसें जैसे गले में ही अटक गई थीं। उनकी बहू, आकृति, फोन पर अपनी माँ से बात कर रही थी। आवाज़ धीमी थी, लेकिन सुलोचना देवी के कान चौकन्ने थे। “हाँ माँ… … Read more