Moral Stories in Hindi
सजना है मुझे सजना के लिए – श्वेता अग्रवाल : Moral Stories in Hindi
“यार, इस कोरोना ने तो त्योहारों का मजा ही किरकिरा कर दिया है।”निधि ने अपनी फ्रेंड नीतू से कहा। “सही कहा।हफ्ता भर बाद ही तो करवा चौथ है, लेकिन ना पार्लर ना शॉपिंग।हर बार तो कितनी धूमधाम होती थी। नीतू ने हाँ में हाँ मिलाई। “क्या बातें हो रही है?” तभी मीनल ने उनके पास … Read more
पता नहीं तुम लोगों को कैसे संस्कार मिले हैं – सिन्नी पाण्डेय : Moral Stories in Hindi
वैसे तो मंजूजी अपने पोतों, पारस और मानस से बड़ा लगाव रखती थीं पर जब भी उनसे नाराज़ होतीं,तो अपनी बहू आभा को ज़रूर लपेट लेती थीं। आभा चाहे उस जगह पर मौजूद हो या न हो,अगर बच्चे कुछ भी शैतानी करते,तो बच्चों को डांटने के साथ साथ उनसे कहतीं,”पता नहीं तुम लोग कैसे हो,हमारे … Read more
आत्मनिर्भर – अंजना शर्मा : Moral Stories in Hindi
श्रीमती शुक्ला अभी कुछ माह पहले ही केन्द्रीय विद्यालय से सेवानिवृत्त हुई है। शुरू से ही क्योंकि मायके में भी पिताजी हेडमास्टर थे मिडिल स्कूल के तो घर का वातावरण बहुत अनुशासित था, तो सुनीता शुक्ला जी को भी आदत थी अपने सभी काम समय पर और ख़ुद से ही करने की । अब बेटा … Read more
बिखरी हंसी, बिखरा मन – ज्योति आहुजा : Moral Stories in Hindi
सुबह के 6:00 बजे थे। अलार्म की घंटी लगातार बज रही थी। “उफ्फ! अदिति। अलार्म की घंटी कब से बज रही है, इसे बंद करो। मेरी नींद खराब हो रही है।” आधी नींद में बड़बड़ाते हुए अर्जुन ने अदिति से कहा। अदिति ने जैसे-तैसे अलार्म बंद किया और बहुत ही बेमन से उठी और हाथ-मुँह … Read more
अपने ही गलत हो तो क्यों चुप रहना – अमिता कुचया : Moral Stories in Hindi
सुबह से मुआयना हो रहा था। छान बीन की जा रही थी कि इतने बड़े आलीशान बंगला में अपनी बेटी के गायब होने की रिपोर्ट डॉक्टर शरमन ने लिखवाई,सर मेरी बेटी काव्या कल से नहीं आई। सभी तरह से छानबीन में जुटी पुलिस तहकीकात करने में लगी थी। उनसे पूछा गया कि बेटी काव्या कितने … Read more
कल आज और कल – अमिता कुचया : Moral Stories in Hindi
रिया सुबह हो गयी, और उठ गयी… उसे कमरे से आते देख अरे कोई सामान से टकरा न जाना , इतना ही शुभी की सास ने बोला ही था कि तभी शुभी चौंकते हुए बोली- मम्मी जी आप ऐसा क्यों बोल रही हो ? तब रीना जी कहती – समय देख रही हो ,आठ बजे … Read more
सपनों का आसमां – श्वेता अग्रवाल : Moral Stories in Hindi
अनिका वनिका दोनों बहनों की शादी एक ही शहर में हुई| दोनों के बच्चे भी सेम स्कूल में पढ़ते थे| अनिका का बेटा लक्ष्य दसवीं में और वनिका की बेटी सुमि आठवीं में|अनिका का घर स्कूल के पास था इसलिए लक्ष्य तो खुद ही घर आ जाता था| जबकि वनिका का घर दूर होने के … Read more
झूठ दिखावे से जिंदगी नहीं चलती – विधि जैन : Moral Stories in Hindi
सुनील बहुत तेज चिल्ला रहा था आंखें गुस्से में बहुत लाल हो चुकी थी चेहरा उखड़ गया था । तेज आवाज सुनकर आसपास के लोग बाहर निकल आए थे उन्हें ज्ञात नहीं हो रहा था कि सुनील इतनी जोर-जोर से क्यों चिल्ला रहा है । दूसरी ओर शिखा सुनील कि गुस्से को और बढ़ा रही … Read more
बहुरानी बेशक घर गंदा ही रहने दो – मधु वशिष्ठ : Moral Stories in Hindi
हर समय ताने मारने वाली सासु जी को जाने क्या हो गया कि अब वह कुछ भी फैला होने पर नीता को कुछ भी नहीं कहती थीं| क्योंकि अक्सर धूप सामने ही आती थी, नीता जब भी बिट्टू के या बाबूजी के कपड़े सामने सुखाती तो सासु मां हमेशा सामने वाले घर को दिखाकर घर … Read more