आशीर्वाद

“बाबूजी, खाना रख दिया है, खा लीजिए।”रीना, महेश जी के पलंग के पास पड़ी मेज़ पर थाली रखते हुए बोली। “बहु, पता नहीं क्यों आज खाना खाने का मन नहीं कर रहा है। दोपहर का खाना लग रहा है कि जैसे अभी पेट में रखा हो। न हो तो एक गिलास दूध दे दो, खाना … Read more

दीवार – कंचन श्रीवास्तव : Moral Stories in Hindi

मुझे पता है बिन दीवारों के घर नही होता पर ये जब ………… कहती सकती मृदुला कि आंखें भर आईं। बात उन दिनों की है  जब वो नईं नईं ब्याह कर आई थी।कार से उतरते ही ” अभी तो किसी का चेहरा भी नही देखा था ” लम्बे घूंघट में परछन कर धीरे से ज़मीन … Read more

एन आर आई – एमपी सिंह : Moral Stories in Hindi

अवतार सिंह और करतार सिंह पंजाब के लुधियाना शहर के पास एक गांव में रहते थे। अवतार का बेटा अर्जुन और करतार की बेटी कुन्ती बचपन से कॉलेज तक साथ साथ पढ़ते थे। दोनों परिवार खेती करते थे, जमीन तो ज्यादा नहीं थी, पर गुजारा हो जाता था। दोनों परिवारों में अच्छा रिश्ता था। अर्जुन … Read more

सम्पति का मोह – लतिका पल्लवी : Moral Stories in Hindi

चाची जी, आप! आप गाँव से कब आईं? मैं तो कब से आपसे मिलने गाँव जाने का सोच रही थी, पर जाना नहीं हो पा रहा था। समय ही नहीं मिल रहा था। कभी मुझे छुट्टी मिल रही थी तो आपके बेटे को नहीं, और आपके बेटे को छुट्टी मिलती तो मुझे नहीं। आप तो … Read more

संस्कार विरासत में नहीं मिलते – प्रतिभा भारद्वाज ‘प्रभा’ : Moral Stories in Hindi

“बेटा खाना तो खा जाता….इतनी सुबह सुबह कहां जा रहा है….”राजीव को सुबह 6 बजे जाता देख अनीता ने टोका। “क्या मां कितनी बार कहा है कि जब कहीं जाया करूं तो टोका मत करो….अरे खाना होगा तो खा लूंगा, कोई बच्चा तो नहीं हूं मैं….अच्छा खासा मूड खराब कर दिया….”गुस्से में कहते हुए राजीव … Read more

नखरे

“माँ, देख लिया भाभी को? फिर घर पर ही खाना बना लिया। यह भी नहीं सोचा कि ननद कौन-सा रोज़-रोज़ आती है, तो आज खाना किसी होटल में ही खा लेते। त्यौहार कौन-सा रोज़ आते हैं, लेकिन इन्हें तो मेरे आने की खुशी ही नहीं होती।” श्रद्धा रक्षा बंधन पर मायके आई थी। राखी बाँधने … Read more

सज़ा का फ़रमान – समिता बडियाल : Moral Stories in Hindi

अमित पुणे में सॉफ्टवेयर कंपनी में इंजीनियर के पद पर काम करता है। उसका घर राजस्थान में है , इसलिए बार -बार आना -जाना नहीं हो पाता। आज पूरे तीन महीने बाद वो अपने घर आ रहा है। उसके घर में मम्मी -पापा, भाई -भाभी और उसकी पत्नी रेणुका है। भाई के दो बच्चे हैं … Read more

सही की कीमत अक्सर देर से समझ आती हैं – स्वाती जैंन : Moral Stories in Hindi

कर्मजलि , कलंकिनी , दोनों मां बेटी ने मिलकर जीना हराम कर दिया हैं , मन तो करता हैं दोनों को इस घर से बाहर निकाल फेंकूं , एक इसकी मां हैं जो दिनभर घर से बाहर रहती हैं और एक दूसरी यह इसकी बेटी जो पूरे दिन घर में रहकर मेरी छाती पर बैठकर … Read more

आसमान की ओर मुस्कान – ज्योति आहूजा :

कविता की आदत थी कि हर रात सोने से पहले छत पर जाकर आसमान देखे। टिमटिमाते तारों को ताकते हुए उसके मन में एक ही सवाल बार-बार उठता— “अगर मैं कल न रही… तो मेरे बच्चों का क्या होगा?” उसका जीवन बच्चों में ही बसता था। सुबह से लेकर रात तक उनकी हँसी, उनकी पढ़ाई, … Read more

सीख – नीरज श्रीवास्तव : Moral Stories in Hindi

“झूठे दिखावे से जिंदगी नहीं चलती। सूझबूझ और संघर्ष का नाम जिंदगी है। जो जीवन में इतिहास रचते हैं वह लोगों की परवाह नहीं किया करते। वह तो बस अपने लक्ष्य की ओर बढ़ते हैं।…….”          नीरज ने अभी इतना ही कहा था कि रोहित वहाँ से नाराज हो उससे दूर चला गया। नीरज ने … Read more

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