“समझदारी का मोती” – संगीता अग्रवाल
क्या बेटियों की शादी में लाखों रुपये सिर्फ चार घंटे के दिखावे और झूठी शान पर फूंक देना समझदारी है? एक सास जो हमेशा अपनी बहू को ‘कम अक्ल’ मानती थी, उसे कैसे एक तूफानी रात में समझ आया कि उसकी बहू ने अपनी उसी ‘बेवकूफी’ से उसकी बेटी का पूरा भविष्य संवार दिया है? … Read more