क्या अकेली माँ कन्यादान नहीं कर सकती – रश्मि प्रकाश
सुहानी बेटा देख ये साड़ियां कैसी है? कहती हुई उसकी मॉं ने चार पांच साड़ियां उसके सामने फैला दी। एक-एक साड़ी को हाथ से सहलाते हुए मां की आंखों में उम्मीद भी थी और थकान भी। शादी घर में थी, कामों की लिस्ट खत्म होने का नाम नहीं ले रही थी—कभी हलवाई को फोन, कभी … Read more