“ममता की कोई सौतेली छाँव नहीं होती” – नेहा पटेल
बाहर झमाझम बारिश हो रही थी और आठ साल का शौर्य अपनी ड्राइंग बुक में कुछ रंग भर रहा था। कमरे में एक अजीब सी खामोशी थी, जिसे सिर्फ खिड़की से टकराती बारिश की बूंदें ही तोड़ रही थीं। पलंग पर बैठी देवकी जी, जो शौर्य की नानी थीं, अपनी चश्मे के पीछे से उस … Read more