संस्कारों का आईना – शारदा सक्सेना
निर्मला देवी और सुमित, शालिनी का यह रूप देखकर सन्न रह गए। निर्मला देवी ने चिल्लाते हुए कहा, “जुबान लड़ा रही है तू मुझसे? ये हैं तेरे संस्कार?” “संस्कार!” शालिनी की आँखों से आंसू छलक पड़े, लेकिन उसकी आवाज़ में कोई कंपन नहीं था। “संस्कारों की बात आप मत ही कीजिए माँ जी। जब मैं … Read more