एक शिक्षिका ऐसी भी….. – अमिता कुचया : Moral Stories in Hindi

शीतल शहर से गांव के स्कूल के लिए बस से आती और गांव के मेन रोड से अंदर सरकारी शाला में ढाई किलो मीटर तक चलकर पहुंचती, जैसे ही स्कूल लगता तो तब बच्चे उसे कक्षा में आते देख कहते देखो – देखो शीतल मेडम आ रही है, सब बस्ता खोलकर बैठ जाते। इतना उत्साह … Read more

अब से मैं ही आपका बेटा हूँ मां…… – सिन्नी पाण्डेय :  Moral Stories in Hindi

वंदनाजी अपने 9 साल के पोते को स्कूल वैन में बैठाकर अंदर आईं और अपने कमरे में निढाल होकर बैठ गईं। बहू नीलू आज दो महीने की छुट्टी के बाद स्कूल गई थी,वो एक प्राइवेट स्कूल में अध्यापिका थी। नीलू के जाने से वंदना जी का दिल घबरा रहा था,उनको अपना ही घर काटने को … Read more

मानवता – निमिषा गोस्वामी : Moral Stories in Hindi

आज कई वर्षों के बाद शोभित अपने गांव वापस आया। बी-टेक करने के बाद बैंगलोर में एक कंपनी में जॉब लग जाने के बाद से ही वह बैंगलोर में ही था।बस से उतरकर वह गांव  जाने के लिए टैक्सी का इंतजार करने लगा। कुछ देर बाद टैक्सी उसके पास आकर खड़ी हो गई।अरे शोभित भइया … Read more

तीन दिनों बाद – परमा दत्त झा : Moral Stories in Hindi

भोपाल के एक बड़े और समृद्ध मुहल्ले में उस दिन अफरा-तफरी मच गई।एक आलीशान कोठी के भीतर से तेज़ बदबू आ रही थी।लोगों ने पहले सोचा कि शायद कोई जानवर मर गया होगा, लेकिन जब बदबू असहनीय होने लगी तो सबको अंदेशा हुआ कि मामला कुछ और है। मुहल्ले वालों ने मिलकर पुलिस को बुलाया। … Read more

अधूरी पूर्णता – अंजु गुप्ता ‘अक्षरा’ : Moral Stories in Hindi

सुरभि ने रोहन के कॉलर को सँवारते हुए अचानक कहा— “चलो रोहन! क्यों न हम दोनों शादी कर लें?” रोहन ने हल्की मुस्कान के साथ उसकी ओर देखा और बोला— “अरे, ऐसी भी क्या जल्दी है? पिछले पाँच साल से तो हम बिना शादी के ही साथ रह रहे हैं।” सुरभि की आँखों में एक … Read more

दर्द के बदले दर्द ही मिलता है – बीना शर्मा : Moral Stories in Hindi

“अरे तुम फिर से कंपनी आ गई  तुम तो मना कर रही थीं  कि  मैं अब इस कंपनी में काम नहीं करूंगी आशीष के साथ शादी करके अपना घर बसाऊंगी” नेहा ने अपनी सखी सुनंदा से कहा जो आज कई  दिनो के बाद कंपनी में काम करने के लिए आई थी नेहा की बातें सुनकर … Read more

हिन्दी पर प्रहार -विभा गुप्ता : Moral Stories in Hindi

   रोज की तरह अपने सारे निपटाकर मानसी अपने बच्चों के पैरों में मालिश करने लगी।उसने पहले छोटे मनु की मालिश की और फिर बड़े अंकित के पास आई।पैरों की मालिश करने के बाद उसने हाथों में तेल लगाना चाहा तो हथेली लाल लकीरें देखकर वो चौंक उठी। उसने सोए हुए अंकित के गालों पर आँसू … Read more

ये स्वप्न नहीं हकीकत है – डॉ बीना कुण्डलिया : Moral Stories in Hindi

सुबह-सुबह अलार्म की आवाज सुनकर अंजलि झटके से उठकर बिस्तर में बैठ गई पति ऑफिस से हफ्ते भर के लिए टूर पर गये हुए थे। अभी उसकी शादी को केवल तीन माह ही गुजरे थे। रात को सोने से पहले वो अलार्म लगाना कभी नहीं भूलती, क्योंकि जरा भी उठने में देर हुई नहीं कि … Read more

वीरांगना – बीना शुक्ला अवस्थी : Moral Stories in Hindi

मैंने जब एल० एल० बी ० करके काला कोट पहना था तभी अपने आप के समक्ष एक सौगन्ध ली थी जिसके अन्तर्गत मैं साल में कम से कम दो केस उन गरीब महिला अपराधियों का बिना पैसा लिये लडूंगी जिनका केस लड़ने वाला कोई नहीं होता है। सबूतों और पैरवी के अभाव में उन्हें सजा … Read more

सपनों का आशियाना – प्रतिमा श्रीवास्तव : Moral Stories in Hindi

रवि और मेघा ने जब नए घर की चाभी सुरेश जी और सुधा जी को देते हुए कहा कि,” पापा – मम्मी जिस घर का सपना आप हमेशा से देखा करते थे अब पूरा हो गया।ये लीजिए अपने सपनों के आशियाने की चाभी। ” सुरेश जी की आंखें नम हो गई और सुधा जी के … Read more

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