चाकलेट की हिस्सेदारी – उपमा सक्सेना
“नीरू! नीरू चल मामा जी को सारी बोल दे!”मेघा अपनी तीन साल की बेटी को थोड़ा धमकाकर बोल रही थी। मेघा अजीब सी स्थिति मे अपने-आप को फंसा पा रही थी। रक्षाबंधन पर भाई के घर बहुत ही चाव से आई थी।पति नैतिक को भी बहुत मनुहार करके लेकर आई थी। पिता जी दस महिने … Read more