माता-पिता को सिर्फ रोटी और छत नहीं, प्यार और सम्मान चाहिए… – अर्चना खंडेलवाल
रमा और गोविंद जी भीतर ही भीतर घुट रहे थे, लेकिन उनकी घुटन से नेहा बिल्कुल बेखबर थी। उसे बस यही भरोसा था कि अब सास-ससुर उसके खिलाफ कोई फैसला नहीं ले सकते, क्योंकि बैंक खाते और प्रॉपर्टी के कागज़ उसी की पकड़ में थे। उसके लिए पैसा ताकत था—और ताकत के आगे रिश्ते अक्सर … Read more