मां – खुशी

सविता की  शादी एक भरे पूरे परिवार में हुई।दो ननद राधा और मीरा  एक देवर मोहन सविता के पति केशव  ससुर दीनानाथ ऐसा परिवार था।जिसमें चलती सिर्फ सविता की सास रूक्मिणी की थी बाकी सब तो प्यादे थे।रुक्मिणी एक तेज गुस्से वाली महिला थी जिन्हें हर चीज समय पर चाहिए होती थी देर हो गई … Read more

वो मुझसे ज़्यादा मेरी भाभी की माँ है – डॉ आभा माहेश्वरी

जब भी मैं अपनी माँ के बारे में सोचता हूँ, मन में एक अजीब-सी टीस उठती है। बचपन में मैं अक्सर शिकायत किया करता था कि माँ का सारा ध्यान मुझ पर नहीं, बल्कि मेरी भाभी पर रहता है। मुझे लगता था कि शादी के बाद जैसे उन्हें एक बेटी मिल गई हो और मैं … Read more

वो मुझसे ज्यादा मेरी भाभी की मां है – सुदर्शन सचदेवा

 मुझसे ज़्यादा मेरी भाभी की माँ है… यह कहते हुए कभी-कभी मेरे अपने होंठ मुस्कुरा उठते हैं और आँखें भीग जाती हैं। क्योंकि मैं जानती हूँ… माँ का प्यार कभी कम नहीं होता, बस उसकी दिशा बदल जाती है। एक समय था, जब माँ की हर आवाज़ मेरे लिए होती थी—”बेटा, खाना खा लिया?”, “थक … Read more

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