वक्त का पहिया – डॉ.आभा माहेश्वरी

शहर के पुराने हिस्से में एक आलीशान हवेली थी—‘शांति निवास’। कभी इस हवेली के नाम से ही पूरे शहर में उसके मालिक सेठ हरदयाल की पहचान थी। अनाज का बड़ा कारोबार था। गोदाम भरे रहते, तिजोरियाँ धन से और आँगन मेहमानों से भरा रहता। हरदयाल को अपने धन पर बड़ा गर्व था। वह अक्सर कहा … Read more

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