तू अच्छी सास बनकर दिखा। – अर्चना खंडेलवाल : Moral Stories in Hindi

अरे! क्या हुआ? बहू पर इतना गरम क्यों हो रही है? जब देखो तेरा तो दिमाग ही चढ़ा रहता है, अपने स्वभाव में नरमाई ला, पर तू तो मेरी कभी सुनती ही नहीं है, सास बन गई पर बहू को ढ़ंग से रखने की तुझमें अभी तक भी अक्ल नहीं आई, प्यार और दुलार से … Read more

आत्मग्लानि – उमा वर्मा : Moral Stories in Hindi

Moral Stories in Hindi : -कैंसर की पीड़ा भोग रही रेणुका चौथे स्टेज पर पहुंच गयी है ।डाक्टर ने जवाब दे दिया है ।बेड पर पड़ी पड़ी उब गई है वह ।कहने को अब कुछ भी नहीं बचा है ।सोचते हुए अतीत में पहुंच गयी है रेणुका ।माता पिता की दुलारी तो बहुत थी वह … Read more

प्यार से बड़ा फर्ज –  अंजना ठाकुर : Moral Stories in Hindi

Moral Stories in Hindi :  रजनी अपने भाई विशाल से बहुत प्यार करती थी उसको जरा सा भी दुखी नहीं देख सकती थी क्यूंकि रजनी के माता – पिता  विशाल दो साल का था  तब एक  हादसे मै गुजर गए रजनी को आज भी याद है जब मां उसके पास छोड़कर  जा रही थी तब … Read more

अपने घर से मायका बन जाने का सफर – संगीता अग्रवाल 

दुल्हन के जोड़े मे सजी रितिका विदाई से पहले अपने पूरे घर को बड़ी हसरत से निहार रही थी। वो घर जो कुछ देर बाद ही उसे छोड़ कर जाना है। अचानक उसकी निगाह हलवाइयों का हिसाब निमटाते पिता पर गई एक दिन मे ही कितनी मायूसी छा गई उनके चेहरे पर अपनी लाडो को … Read more

सबसे बड़ा ज्ञानी  : Moral Stories in Hindi

 “अरे विशेष तुम तो भई अब हमें पूछते भी नहीं…… अपने चाचा से इतनी नाराज़गी किस बात की?”पड़ोस में रहने वाले मुकुल चाचा ने विशेष से कहा जो ऑफिस से आकर अपने घर की तरफ़ जा रहा था  “नमस्ते चाचा जी,ऐसा कुछ भी नहीं है जो आप सोच रहे हैं…बस आजकल काम की अधिकता की … Read more

गंवार  – मनीषा गुप्ता: Moral Stories in Hindi

शालिनी गांव की कम पढ़ी-लिखी परंतु सुंदर सुशील लड़की थी, रामदास जी को शालिनी में पता नहींऐसा क्या पसंद आया कि उन्होंने अपने बेटे शेखर के लिए शालिनी को पसंद कर लिया। परिवार के अन्य सदस्य सास, देवर और ननद को वह अधिक पसंद नहीं थी। पति शेखर को उसका सीधापन और सादगी पसंद आ … Read more

सबसे बड़ा ज्ञानी – रश्मि प्रकाश : Moral Stories in Hindi

 “अरे विशेष तुम तो भई अब हमें पूछते भी नहीं…… अपने चाचा से इतनी नाराज़गी किस बात की?”पड़ोस में रहने वाले मुकुल चाचा ने विशेष से कहा जो ऑफिस से आकर अपने घर की तरफ़ जा रहा था  “नमस्ते चाचा जी,ऐसा कुछ भी नहीं है जो आप सोच रहे हैं…बस आजकल काम की अधिकता की … Read more

धैर्य और लगन – मोनिका रघुवंशी : Moral Stories in Hindi

विवेक तुम कंही जा रहे हो…., तुम्हारी माँ बता रही थी कि कोई इंटरव्यू है ,खाने की टेबल पर दिवाकर जी ने अपने बेटे से पूछा। हां पापा एक बड़े होटल में रिसेप्शनिस्ट की जॉब है सैलरी भी अच्छी है तो….. लेकिन तुम्हे प्राइवेट जॉब करने की क्या सूझी….. पापा मैंने पिछले पांच सालों में … Read more

” समाज सेविका ” : Moral Stories in Hindi

समाज सेविका नलिनी को एक अनाथाश्रम का फीता काटने को बुलाया । फीता कटाने के बाद उनसे दो शब्द बोलने को कहा गया। ” भाइयो और बहनो तथा सभी प्यारे बच्चो मेरा जीवन तो गरीबो को समर्पित है । जब देखती हूँ किसी गरीब बच्चे को भूख से व्याकुल होते , या किसी छोटू को … Read more

“खुशियों की झालर” – कविता भड़ाना   : Moral Stories in Hindi

“मानवी बेटा जल्दी से तैयार हों जाओ तुम्हारे सब दोस्त आते ही होंगे”… शिप्रा ने अपनी बारह साल की बेटी से कहा और बाहर लॉन में पार्टी की तैयारियां देखने चली गई।  शिप्रा अभी बाहर आई ही थी की मानवी मम्मा मम्मा पुकारती हुई शिप्रा के पास आई और गुस्से से बोली, क्या मम्मा ये … Read more

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