वो डरावनी काली रात – संगीता अग्रवाल :
Moral Stories in Hindi ” कितनी देर कर दी तुमने निकलने मे देखो तो कैसा अंधेरा हो रहा है !” गाडी मे बैठते हुए स्नेहा मयूर से बोली। ” अरे अभी बारह ही तो बजे है आज अमावस की काली रात है अंधेरा तो होगा ही !” मयूर हँसते हुए बोला और गाडी चलाने लगा। … Read more