मायका – शुभ्रा बैनर्जी
“सुमन! ओ सुमन, मधु आ रही है कल दामाद जी के साथ।सुबोध से कहना, छुट्टी ले ले दो चार दिन की।” सुमित (पति)ने फोन रख दिया था।सुमन समझ नहीं पा रही थी कि बेटी के आने की खुशी क्यों नहीं महसूस हो रही थी उसे? ऐसा नहीं कि मधु पहली बार आ रही थी राखी।पांच … Read more