रिश्ते”- नीरजा कृष्णा : Moral Stories in Hindi

आगरा से बड़ी भाभीजी आईं और दनदनाते हुए उनके बैडरूम में घुस गई, आशा के विपरीत मधु की तस्वीर वहाँ लटकी देख कर वो एकदम बिफ़र गई,”ये क्या भैया! इतना समझाने पर भी वोही ढाक के तीन पात ! आप समझते क्यों नही? मधु आपका पास्टटैंस है और महिमा आपका वर्तमान और भविष्य भी है! … Read more

“मदद”- संगीता अग्रवाल : Moral Stories in Hindi

” देखिये सर मुझे आज के आज अपना अकाउंट मर्ज करवाना है इतने दिन हो गये चक्कर काटते हुए !” वसुधाजी बैंक कर्मी से बोली। ” मैडम आपको कहा ना सोमवार को आना !” बैंक कर्मी ने लापरवाही से कहा । इससे पहले की वसुधा जी कुछ बोलती अचानक एक लड़की ने आकर उनके पैरो … Read more

सपनों से समझौता – डॉ. पारुल अग्रवाल : Moral Stories in Hindi

दिव्या की बेटी प्रिया बहुत ही सुंदर और सुशील थी।पढ़ाई-लिखाई के साथ-साथ नृत्य में भी बहुत अच्छी थी। उसका चयन राज्य स्तर पर आयोजित एक प्रतियोगिता में हो गया।जिसकी तैयारी के लिए उसको कई बार लौटने में शाम को देर हो जाती थी। दिव्या ये सब समझती थी उसने अपने समय में सपनों से बहुत … Read more

मिस्सल ताई – अनुराधा श्रीवास्तव “अंतरा” : Moral Stories in Hindi

Moral Stories in Hindi:   आज जब अम्मा को फोन मिलाया तो अम्मा के फोन उठाते ही मेरे कानों में फिल्मी गानों और शहनाई की तेज आवाज गूॅंज गयी। दोनों तरफ से हेलो हेलो की आवाज में यह बात समझ में आयी कि पड़ोस की मिस्सल ताई की बेटी शादी है। ’’बाद में बात करता … Read more

प्रेम के रिश्ते- शुभ्रा बैनर्जी : Moral Stories in Hindi

माधवी आज समझ पाई थी कि जिस आत्मिक सुख के लिए जीवन भर भटकती रही वह,वह तो मृग मरीचिका से ज्यादा कुछ भी नहीं था।रिश्तों की बोलियों में घरों को बिकते देखा है उसने।हर‌ रिश्ते में छिपा होता है स्वार्थ।पाने और देने की परंपरा निभाई जा रही है रिश्तों में।एक दूसरे को खुश रखने की … Read more

शुभ त्यौहार – दीप्ति सिंह

करवा चौथ के दिन दोपहर दो बजे करुणा ने बेटी को जन्म दिया। चाँद सी सुंदर बेटी पाकर ससुर, अखिलेश व करुणा अत्याधिक प्रसन्न हुए पर अम्बा सोच रही थी कि पोता हो जाता तो खोटा त्यौहार मन जाता । कमरे में शिफ्ट हो कर जब शरीर को थोड़ा आराम मिला तो करुणा ने पूछा … Read more

डूबते को तिनके का सहारा – डाॅक्टर संजु झा : Moral Stories in Hindi

तिनके का सहारा भी किसी के जीवन को बचा सकता है,किसी के चेहरे पर मुस्कान और खुशी ला सकता है।विधवा रमिया की काया ने जिन्दगी भर काँटों की चुभन का ही अनुभव किया।भरी जवानी में दो छोटे बच्चों के साथ विधवा हो गई।  उसके लिए अब बच्चों की खुशी और मुस्कान ही  उसकी जिन्दगी थी,परन्तु … Read more

अभिसारिका – विनोद सिन्हा “सुदामा”

 कहते हैं ज़िन्दगी में सुख़ की अपेक्षा दुःख की मात्रा कहीं ज़्यादा है परंतु जीवनपथ पर इन दोनों को एक-दूसरे से अलग कर रखा भी नहीं जा सकता,कारण सुख़ के क्षण सदा दुःख को साथ लिये हुए आते हैं और दुःख के क्षण सुख को, फिर नर हो या नारी उम्र भर न चाहकर भी … Read more

मतलबी रिश्ते- रेखा जैन : Moral Stories in Hindi

Moral Stories in Hindi : आजकल अधिकांश रिश्ते मतलब के ही हो गए है।  बिना मतलब के निश्छल रिश्ते तो नाम मात्र के ही है।  चाहे वो खून के रिश्ते हो या जान पहचान के। बल्कि खून के रिश्तों में ही ज्यादा मतलब आ गया है। ऐसा ही कुछ विपिन जी के साथ हुआ। विपिन … Read more

 मन से मन मिले तो दीप जल उठे – लतिका श्रीवास्तव 

…थोड़े दिनों बाद ही दिवाली है…..सुमेर अत्यधिक उत्फुल्लित और उत्साहित था …इस बार आराम से अपनी पत्नी और बच्चों के साथ स्वतंत्रता पूर्वक दिवाली मनाऊंगा….पिछली दिवाली पर मां पिताजी थे….हर बात पर टोका टाकी….ये ऐसा करना था ..वो वैसा करना चाहिए था….!! उसकी तो बहस हो गई थी  पिता जी से….. साफ कह दिया था … Read more

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