मतलबी रिश्ते – स्नेहलता पाण्डेय ‘स्नेह’ : Moral Stories in Hindi

Moral Stories in Hindi : सविता जी गाँव में अकेले रहती थीं। उनके एक ही बेटा था जो कानपुर में नौकरी करता था अतः बहू रेखा भी वहीं रहती थी। आज महिनों बाद बेटे-बहू को अपने घर पर देखकर बहुत खुश थीं। दो साल की परी दादी की गोद में जाकर चिपक गई। सविता जी … Read more

एक बार फिर (भाग 24) – रचना कंडवाल : Moral stories in hindi

प्रिया और उसकी सासू मां डिजाइनर के पास जाते हैं। पर शेखर नहीं आता। वो एक सुनसान जगह पर खड़ा था। तभी एक ब्लैक कलर की मस्टैंग आ कर रूकती है। उसमें से दो लंबे चौड़े आदमी निकलते हैं और वह उनसे कहता है कि काम हो गया??? यस सर “ओके” अब आगे- ये मेरी … Read more

जितना भाभी कर रही है उतना तो शायद वह भी अपनी मां के लिए नहीं कर पा : Moral Stories in Hindi

Moral Stories in Hindi : राधिका की सास पिछले कुछ दिनों से बीमार चल रही थी राधिका पूरी कोशिश कर रही थी कि उन्हें कोई कमी महसूस ना हो वह बच्चों को सुबह स्कूल भेजकर मुकेश के ऑफिस जाने के बाद अपनी सास की सेवा में लगी रहती ताकि उन्हें अकेलापन महसूस ना हो, लेकिन … Read more

तिनके का सहारा : Moral Stories in Hindi

Moral Stories in Hindi : “ बेटा देखना जरा ये सामान मिलेगा क्या… अगर हो तो बाँध कर हमारी कार तक भिजवा सकते हो?” सुनंदा जी ने दुकान में खड़े एक लड़के से कहा “ मुझे ये लिस्ट दे दीजिए और आप उधर बैठ जाइए ।” कहते हुए उस लड़के ने लिस्ट लेकर सुनंदा जी … Read more

मतलबी रिश्ते – सुभद्रा प्रसाद : Moral Stories in Hindi

Moral Stories in Hindi : “पापा जी, उठिए, दवा खा लिजीए |” राजीव अपने पापा को उठाते हुए बोला |उसके पापा अस्पताल के बेड पर लेटे थे |राजीव पापा को पीठ की तरफ से सहारा देकर उठाया| बैठाकर उनके हाथ में दवा और पानी का गिलास पकडा दिया | पापा रामनाथ जी ने दवा खाकर पानी … Read more

उम्मीद पे दुनिया क़ायम – स्नेह ज्योति : Moral Stories in Hindi

सलीम को बचपन से ही अमीर बनने का शौक़ था । इसलिए अपने अरमा पूरे करने के लिए रोज लॉटरी टिकट ख़रीदता रहता था । पर क़िस्मत में कुछ सौ रूपयों के अलावा कभी कुछ नहीं निकला । घर का बड़ा बेटा होने के कारण हकीम साहब की सब उम्मीदें उसी से थी । लेकिन … Read more

मुखोटा – शिव कुमारी शुक्ला : Moral Stories in Hindi

Moral Stories in Hindi : मैं मधु आज घर में अकेली बैठी थी,ऐसे ही पुरानी बातें सोचने लगी।अतीत चलचित्र की रील की भाॅति ऑखों के सामने से गुजरने लगा।तभी एक पुरानी घटना याद आ गई, जिसे एक कहानी के माध्यम से आप लोगों के साथ साझा  कर रही हूॅ। रजनी जी से मेरी जान पहचान … Read more

कोहरे भरी रात – रीता मिश्रा तिवारी

“वीर जल्दी से तैयार हो जाइए हमें जाना है “शाम की आरती करते हुए ऋतु अपने पति से बोली जो टीवी देख कम रहे थे मोबाइल ज्यादा शायद पत्नि की बात उसके कानों तक पहुंची भी या नहीं . “अरे ! आप अभी तक यहीं बैठे हैं “और टेबल पर रखा रिमोट उठाकर टीवी बंद … Read more

मतलबी रिश्तों की डोर – मंगला श्रीवास्तव : Moral Stories in Hindi

Moral Stories in Hindi : बाहर शादी की गहमा गहमी चल रही थी ,चारो और हर्ष उल्लास का वातावरण बना हुआ था मेहमानों से भरे हुए घर में ढोलक की थाप पर नाचने गाने की आवाज आ रही थी ,पर सरला जी और कमलनाथ जी आज इतने बड़े परिवार मे होकर भी अकेले पड़ गए … Read more

अधूरी प्रेम कहानी – पुष्पा पाण्डेय : Moral Stories in Hindi

Moral Stories in Hindi : सुबह-सुबह सुमि को देखकर सुधा को आश्चर्य हुआ। ” अरे सुमि, तुम इतनी सुबह?” बाहर अपने बगान में सुधा अपने पापा के साथ टहल रही थी। सुमि ने तो सोचा था कि बाहर से ही उसे संदेशा दे चली आऊँगी, लेकिन चाचा जी को देखकर उसे बहाना बनाना पड़ा। चाचा … Read more

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