फर्ज –  हेमलता गुप्ता : Moral Stories in Hindi

Moral Stories in Hindi : नीरज.. आज तुम फिर से यह गुलाब जामुन उठा ले आए! तुम्हें कितनी बार मना किया है .. चासनी वाली कोई भी चीज घर में मत लाया करो!  कितना ही तुम्हारा ध्यान रख लूं , फिर भी तुम ऐसी बचकाना हरकतें कर ही देते हो! अब एक काम करो इनको … Read more

कर्मों का लेखा – जोखा – रश्मि सिंह : Moral Stories in Hindi

Moral Stories in Hindi : राधिका-अभिनंदन आप पीछे क्यों बैठे हो, आगे आकर बैठो। सार्थक तुम पीछे जाओ। सार्थक-पर मैम आज तो मेरा टर्न है आगे बैठने का। राधिका-अभिनंदन को देखने में थोड़ा दिक़्क़त होती है इसलिए इसे आगे बैठाया जाता है। सार्थक अपना बैग लेकर पीछे चला गया।  राजीव-सार्थक तुम अभी नये हो स्कूल … Read more

बद्दुआ से किस्मत रूठ जाती है – बीना शर्मा : Moral Stories in Hindi

Moral Stories in Hindi : महेश जो कि डॉक्टर बनने के बाद अपनी मम्मी से किसी बात पर नाराज होकर शहर में रहने लगा था कई साल बाद जब अपनी मम्मी अंजलि से मिलने अपने गांव आया तो सामने वाला घर जो कभी बेहद आलीशान था और उसमें एक बनिया जिसका नाम दयाराम जो ब्याज … Read more

किस्मत को मात – शिव कुमारी शुक्ला : Moral Stories in Hindi

Moral Stories in Hindi : कहावत है कि वक्त से पहले एवम किस्मत से जादा जीवन में कुछ नहीं मिलता। किन्तु आशिष को अपने ऊपर कुछ ज्यादा ही भरोसा था। उसका मानना था कि यदि मेहनत से कोई भी काम किया जाये तो किस्मत भी साथ देती है। अपने इन्हीं विचारों के साथ आशिष ने … Read more

खुशियों के रंग – हेमलता गुप्ता : Moral Stories in Hindi

Moral Stories in Hindi : दीपक ने घर आते ही मम्मी पापा के पैर छुए.. और पास में ही बैठ गया! दीपक नोएडा में इंजीनियर था, और कुछ दिनों की छुट्टी लेकर मेरठ आया हुआ था!  इधर-उधर की बातचीत के बाद दीपक ने अपनी मम्मी से पूछा… मम्मी यह कशिश को क्या हो गया? यह … Read more

क्यूंकि सास भी कभी बहू थी – पूर्णिमा सोनी : Moral Stories in Hindi

Moral Stories in Hindi : लीजिए मां जी… आज मैंने शाम के नाश्ते में मटर के छोले बनाए हैं बहू, नमिता ने ट्रे में सजी हुई कटोरियां, अपनी सासू मां सरिता जी के आगे कर दिया।  मटर के छोलों पर कटे हुए प्याज,हरी धनिया की चटनी, नमकीन,सोंठ की लाल चटनी,तले हुए आलू का पीस….करीने से … Read more

लंच बॉक्स – किरण केशरे  : Moral Stories in Hindi

Moral Stories in Hindi : नीलू समीर के साथ गुजरात की यात्रा पर पिछले आठ दिनों से निकली थी पावागढ़, दीव, द्वारका से हुए जयपुर आए थे।  दिनभर जयपुर की सैर कर जब थक गए, तब समीर ने कहा क्यों न अब अच्छे से रेस्टोरेंट में खाना खाया जाए।  नीलू ने भी हामी भर दी … Read more

प्रारब्ध – बालेश्वर गुप्ता : Moral Stories in Hindi

Moral Stories in Hindi : पावँ लगे बाबू साहब,आप यहाँ?          बाबू साहब संबोधन सुन उन्होंने निगाह उठा कर देखा तो सामने वाला व्यक्ति सिल्क का कुर्ता और सफेद झक धोती पहने सामने खड़ा था,कोई रईस लग रहा था।मस्तिष्क में प्रश्न कौंधा यह व्यक्ति उसे इस कदर सम्मान क्यो दे रहा है?वैसे भी अब वो गुजरा … Read more

सावित्री कला बुटीक – ऋतु गुप्ता   : Moral Stories in Hindi

Moral Stories in Hindi : खम्मा घणी ताई सा… कैसी हो ताई सा….. घर में घुसते ही  कला ने अपने ससुराल के पड़ोस में रहने  वाली ताई सा सावित्री देवी जी को प्रणाम किया। सावित्री देवी अपने घर में अकेली रहती थी ,उनके कोई आस औलाद नहीं थी, पर उन्होंने गांव के हर बच्चे को … Read more

किस्मत या खुशकिस्मत – संध्या त्रिपाठी   : Moral Stories in Hindi

Moral Stories in Hindi : गूगल… प्लीज बताइए… विक्टिम कार्ड , सिंपैथी , त्रिया चरित्र किसे कहते हैं ,ओ के गूगल ….     रूंधे गले से , आंखों में आंसू डबडबाए गूगल पर वॉइस रिकॉर्ड कर दीप्ति ने पूछा । आज दीप्ति बहुत परेशान थी । बात सुबह की ही  तो थी , रविवार की छुट्टी का … Read more

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