करुणा का रिश्ता – सीमा गुप्ता
अस्पताल के बरामदे में लगी बेंच पर बैठी सुधा अपने हाथों को बार-बार मल रही थी। दिसंबर की सर्द रात में उसकी उँगलियाँ ठंड से सुन्न हो चुकी थीं और वह काँप रही थी। पर तन से भी ज्यादा उसका मन कांप रहा था। सामने से आती-जाती नर्सों, स्ट्रेचर पर ले जाए जाते मरीजों और … Read more