शर्मिंदा – डाॅ संजु झा : Moral Stories in Hindi

Moral Stories in Hindi : छटपटाती आँखें और पसीने से सराबोर चेहरा ,भय और घबड़ाहट के बीच शर्मिंदगी का एहसास, साठ साल के शशिभूषण जी में  स्पष्ट रुप से दीख रही है। शशिभूषण  दम्पत्ति अपने बेटे निखिल में कुसंस्कार के बीज अपने स्नेह की पैनी से पैनी कुल्हाड़ी से भी नहीं काट सके।शायद उनके पूर्वजन्म … Read more

प्यार का कोई मोल नहीं – पूर्णिमा सोनी : Moral Stories in Hindi

Moral Stories in Hindi : और छन्न से अंगूठी आंगन में गिर चुकी थी। विशाल ने भाग कर आंगन में घूमती हुई अंगूठी को उठा लिया। ये मात्र एक अंगूठी नहीं थी…. उसने कितने प्यार से खरीदा था। अपने दोस्त राहुल के साथ प्रदर्शनी में गया था। राहुल ने अपनी पत्नी के लिए एक सेट … Read more

संवेदना – अर्चना सक्सेना : Moral Stories in Hindi

Moral Stories in Hindi : जब से माँ ने फोन पर रो रोकर बताया कि पापा का बुखार बिगड़ गया था और उन्हें अस्पताल में भर्ती करना पड़ा है संध्या मायके जाने के लिये बेचैन हो उठी थी। पापा की तबियत पिछले चार पाँच दिन से खराब चल रही थी और संध्या सुबह शाम फोन … Read more

बेटी जैसी बहू- संगीता अग्रवाल  : Moral Stories in Hindi

Moral Stories in Hindi : ” अरी कुसुम कहाँ है?”  कुसुम जी की पड़ोसन शांति जी ने घर में घुसते हुए आवाज़ लगाई। “अरे दीदी आई ।” रसोई से बाहर आते हुए कुसुम जी बोली। “बहु आ गई घर में पर तुझे अभी भी रसोई से छुटकारा नहीं मिला, बहु को सिर पर चढ़ा रही … Read more

एक अनूठी प्रेमकथा – डॉ. पारुल अग्रवाल : Moral Stories in Hindi

Moral Stories in Hindi :  आज रोहित का बड़े मीडिया चैनल में साक्षात्कार होना था। असल में उसने तीन साल पहले स्टार्टअप कंपनी शुरू की थी जिसका टर्नओवर आज करोड़ों में पहुंच गया था। छोटी सी लागत से शुरू हुई कंपनी का तीन साल में ही इतने बड़े मुकाम पर पहुंचना चर्चा का विषय था। … Read more

लक्ष्मण रेखा – संध्या त्रिपाठी : Moral Stories in Hindi

Moral Stories in Hindi :   मम्मी आज आप पल्लू में पिनअप मत करिए….  फ्री पल्ला लीजिए …सच में इस साड़ी में बहुत अच्छा लगेगा …बहू आरना ने सासू मां नव्या से कहा…! सच में मम्मी , जब आप तैयार होती है ना तो बहुत स्मार्ट और सुंदर लगती हैं… मुझे पहले इतना सजने संवरने का … Read more

टू इन वन – विभा गुप्ता : Moral Stories in Hindi

Moral Stories in Hindi : ” देखो सुशील… इस समय मेरे पापा को मेरी ज़रूरत है।भाई रहते तो एक अलग बात थी, लेकिन…।”   ” हाँ तो…तुम उन्हें पैसे तो दे ही रही हो ना..।” तीखे स्वर में सुशील बोला तो श्रद्धा तिलमिला उठी, ” पैसे दे रही हो..से तुम्हारा क्या मतलब है सुशील।मैं सिर्फ़ तुम्हारी … Read more

अंतर्मन की लक्ष्मी ( भाग – 2 ) – आरती झा आद्या : Moral Stories in Hindi

Moral Stories in Hindi : “चाय पिएंगी बुआ।” विनया सुलोचना से पूछती है। “नेकी और पूछ–पूछ, इतनी भाषणबाजी के बाद कुछ तो इनाम मिलना ही चाहिए मुझे।” सुलोचना हॅंस कर कहती है। “पर कैसे ठीक करुॅं सब कुछ”…मन में सोचती विनया अपनी सास अंजना के कमरे की ओर देखती हुई रसोई की ओर बढ़ गई। … Read more

पुरानी यादों ने रिश्ते सँभाल लिए… – रश्मि प्रकाश  : Moral Stories in Hindi

Moral Stories in Hindi : “बेटा बहू कहाँ है?” बेटे के घर में आई सरला जी उसे घर का लॉक खोलते देख पूछी  “ अंदर तो चलो बता रहा हूँ ।” महेश ने कहा  अंदर कदम रखते ही अपना पर्स सोफे पर रख पूरे घर को एक नजर देखने के बाद सरला जी ने पूछा,” … Read more

लड़के वाले सीजन -3 (भाग – 13) : Moral Stories in Hindi

Moral Stories in Hindi : जैसा कि आप सबने अभी तक पढ़ा कि शुभ्रा की होने वाली सासू माँ ने उसके लिए उसकी पसंद का जेवर ले लिया हैँ… उमेश और शुभ्रा की शादी में दिन भी कुछ ज्यादा नहीं बचे हैँ…. कभी दादा जी कभी शुभ्रा की माँ बेटी का ब्याह पास आते देख … Read more

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