मानवता – बालेश्वर गुप्ता,
रात्रि के नौ बजे होंगे, दरवाजे पर कॉल बेल का स्विच लगा होने के बावजूद कोई दरवाजा जोर जोर से पीट रहा था. ये तो समझ में आ गया था कि निश्चित ही कोई बड़ी परेशानी है. तभी तो दरवाजा पीटने की व्यग्रता है, यह स्वाभाविक ही होता है. मेरे सामने धर्म संकट आ खड़ा … Read more