औलाद का दर्द

“यह क्या बात हुई भैया, आपने पहले कहा था कि आप 15 तारीख को आकर मम्मी और पापा को अपने साथ ले जाएंगे। अब आप दो दिन पहले कह रहे हैं कि आप नहीं आएंगे।” “अरे, मैंने क्या ज़िंदगी भर का इनका ठेका लेकर रखा है? इनकी वजह से हम कहीं घूमने भी नहीं जा … Read more

साजिश – नीरज श्रीवास्तव : Moral Stories in Hindi

  रश्मि की हालत नाजुक थी। बुखार से शरीर तप रहा था और सिर दर्द से फटा जा रहा था। वह घर के एक कोने में बैठी एक टक घड़ी की ओर निहार रही थी।  रात के नौ बज चुके थे। पर रमेश अभी  भी घर न आया था।                  रश्मि की बेचैनी बढ़ती ही … Read more

काठ की हांडी बार बार नहीं चढ़ती – खुशी : Moral Stories in Hindi

रमा ब्याह कर एक भरे पूरे घर में आई जहां सास ससुर, ताऊ और ताई सास गायत्री देवी ननद देवर सब मिले। ताई को बहुत घमंड था कि उनके परिवार में सिर्फ लड़के है।उनके 3 लड़के और सासूजी के 2 पर सासू मां को एक बेटी गीता होने पर ताने सुनाती तूने खानदान की परंपरा … Read more

बहुरानी बेशक घर गंदा ही रहने दो – मधु वशिष्ठ :  Moral Stories in Hindi

हर समय ताने मारने वाली सासु जी को जाने क्या हो गया कि अब वह कुछ भी फैला होने पर नीता को कुछ भी नहीं कहती थीं| क्योंकि अक्सर धूप सामने ही आती थी, नीता जब भी बिट्टू के या बाबूजी के कपड़े सामने सुखाती तो सासु मां हमेशा सामने वाले घर को दिखाकर घर … Read more

बड़ी अम्मा – मुकेश पटेल

मिसेज़ निर्मला का आज 50वां जन्मदिन था, यानी आज वे अपने जीवन की गोल्डन जुबली मना रही थीं। उनके पति मिस्टर रामचंद्र इस जन्मदिन की शाम को यादगार बनाना चाहते थे। निर्मला जी पेशे से एक टीचर थीं और वे अपना खुद का एक प्राइवेट स्कूल चलाती थीं। उनके पति मिस्टर रामचंद्र बैंक में मैनेजर … Read more

एक पिता का दिल – गीतू महाजन : Moral Stories in Hindi

आज वह दिन आ गया था जिसका सभी माता-पिता को इंतज़ार रहता है..अपनी प्यारी सी नन्ही राजकुमारी को दुल्हन के  रूप में देखने का।भले ही अपने राजकुमारी को विदा करने के लिए उन्हें अपने दिल पर पत्थर क्यों न रखना पड़ता होगा लेकिन इसी दिन के लिए वे कितने ही सपने संजोकर रखते हैं। आज … Read more

मोबाइल है, बच्चों का खिलौना नहीं – श्वेता अग्रवाल : Moral Stories in Hindi

सिद्धि अपने बेटे विवान के साथ छुट्टियों में अपनी बड़ी बहन रिद्धि के यहाँ आने वाली थी। रिद्धि के दोनों बच्चे निवि और रवि उनके आने की खबर सुनकर बहुत एक्साइटेड थे। पिछली बार जब मौसी औऱ विवान आये थे तो उन्होंने बहुत मस्ती की थी, जमकर धमाचौकड़ी मचाई थी। इस बार भी उन्होंने ढेरों … Read more

बेटी की सीख – लतिका पल्लवी : Moral Stories in Hindi

माँ की खाँसने की आवाज सुनकर प्राची की नींद खुली।आवाज रसोई घर से आ रही थी।उसने घड़ीदेखी 5 बज रहा था।उसने सोचा माँ भी ना अजब करती है कुछ भी कहो पर वह मानेगी नहीं।वह हमेशा अपने मन का ही करेगी।मन ख़राब है तो क्या जरूरत है सुबह उठकर नाश्ता बनाने की।एक दो दिन हम … Read more

साजिश – नीलम शर्मा : Moral Stories in Hindi

माही की रात को बीच में आंँख खुली। उसने देखा मंयक कमरे में नहीं है। इतनी रात को कहां गए होंगे? माही ने पानी का जग उठाया। वह खाली था। वह पानी लेने के लिए रसोई में जाने लगी, उसने देखा सास के कमरे की लाइट जली है। उसे उधर से धीरे-धीरे आपस में बातें … Read more

मां की ममता – अमिता कुचया : Moral Stories in Hindi

आज तीन बजे दिशा खाना खा पाई थी, अब उसका समय ज्यादा अहाना के हिसाब से चल रहा था। जब वो खेले, या सोए तब उसका काम होता था।  वह किचन समेट कर सोने ही गयी थी, तो आज उसे गहरी नींद लग गयी, अहाना उसकी तीन महीने की बेटी है, इधर जब वो उठ … Read more

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