किस्मतवाली – डाॅ संजु झा
रामलाल नैना को बेखौफ नन्हें -नन्हें कदमों से ऑंगन में चहलकदमी करते हुए देखकर सोचते हैं -“किस्मत के खेल भी निराले हैं।कभी एक संतान के लिए पति-पत्नी तरसते थे,आज दो-दो बेटियों से हमारा जीवन गुलजार है!” रामलाल खुद को भाग्यशाली समझें या बेटियों को किस्मतवाली उनकी समझ से परे है!जिस प्रकार एक नवजात पक्षी अपने … Read more