एक नई सुबह – सीमा प्रियदर्शिनी सहाय: Moral stories in hindi

“बस….चुप हो जाओ…राघव…! बहुत देर से मैं तुम्हें सुन रहा हूं. ऐसा लगता है कि बस तुम ही जवान  हुए हो इस घर में और कोई नहीं! तुम्हें ना अपने मां बाप का सम्मान है और ना ही रिश्ते नातों का लिहाज  है। तुम्हें बताने में शर्म नहीं आई… कैसे बेहया इंसान हो तुम..।अब तुम … Read more

अनुमति तिरस्कार की!! – लतिका श्रीवास्तव : Moral stories in hindi

कमली अभी तक यहीं खड़ी है कब से कह रही हूं जा तैयार हो जा …. विशाखा जी की तेज आवाज से बेअसर थी कमली ।जाने किस दुनिया में विचरण कर रही थी।चेहरा ऐसा लटका हुआ था मानो किसी ने सौ बुरी बाते सुनाई हों।सामने मां की निकाल कर रखी लाल ड्रेस रखी थी जिसे … Read more

जहां चाह वहां राह – शिव कुमारी शुक्ला : Moral stories in hindi

विनी क्या कर रही है।  अरे माँ चार दिन रह गए मेरा स्कूल खुलने वाला है सो नई किताबें आयेंगीं उन्हीं के लिए अलमारी साफ कर रही हूँ।  पर बेटा तेरे पापा तो  मना कर रहे हैं आगे पढ़ाने से। क्यों मम्मी क्या हुआ  मैं तो पूरे जिले प्रथम आई हूँ अपने स्कूल में और … Read more

दौलत एवं संस्कार – बालेश्वर गुप्ता : Moral stories in hindi

    मोनू आजकल मैं तुम्हारी घनिष्ठता शिशिर के साथ कुछ अधिक ही देख रहा हूँ।मोनू,शिशिर बड़े बाप का बेटा है,उससे हमारा मेल नहीं बैठता है, बेटा,हमारी हैसियत शिशिर के पिता जैसी नही है, मोनू तुम समझ रहे हो ना,मेरा मतलब।         बाबूजी ये बात सही है,शिशिर के पिता बड़े कारोबारी है,काफी धनवान है,पर शिशिर ने कभी भी … Read more

बराबरी का रिश्ता – संगीता अग्रवाल  : Moral stories in hindi

“नमस्कार आलोक जी ये है मेरी पत्नी रीमा और मेरा बेटा निकुंज!” कैलाश बाबू अपने मेहमानों से बोले. ” नमस्कार कैलाश जी और भाभी जी.. ये मेरी पत्नी शर्मिला है !” आलोक जी ने अपनी पत्नी का परिचय कराया. सबने एक दूसरे को नमस्ते की और बैठक मे बैठ गए.  ” कैलाश जी मेरे बेटे … Read more

दाल में काला होना – माधुरी गुप्ता : Moral Stories in Hindi

किट्टी पार्टी में गपशप पूरे जोर शोरसे चल रही थी। परंतु आज की गपशप का रंग कुछ अलग ही था। हमेशा तो किटटीमें सभी मेम्बर एक दूसरे की साड़ी व गहनों की चर्चा करती थी कि अरे नलिनी तेरा डायमंड का नैकलस तो बहुत चमक रहा है कहां से लिया और कितने का पड़ा आदि … Read more

टाट में मखमल का पैबंद – विभा गुप्ता   : Moral stories in hindi

   ” माँ…आप मेरी बात भी तो सुनिये…वो लोग बहुत पैसे वाले हैं..हमारा- उनका कोई मेल नहीं है।”    ” हाँ भाभी…सोमेश ठीक ही तो कह रहा है।रिश्ते हमेशा बराबर वाले से बनाना चाहिये तभी परिवार में तालमेल बना रहता है।”     ” ऐसा कुछ भी नहीं है प्रभा….शादी हो जाने के बाद सब ठीक हो जाता है।बड़े … Read more

हमारे रिश्ते की जन्मतिथि – निशा जैन : Moral stories in hindi

आज सुप्रिया की एनिवर्सरी थी और आज सुबह ही पति सुशांत से फिर तकरार हो गई बच्चों को लेकर…..  (उनकी लड़ाई हमेशा या तो बच्चों को लेकर या किसी थर्ड पर्सन को लेकर होती थी, दोनो की आपस की कोई लड़ाई नहीं हुई कभी)  शादी की सोलहवीं वर्षगांठ और शुरुआत तकरार के साथ…..  सुप्रिया को … Read more

इंद्रधनुष – मंजू सक्सेना : Moral stories in hindi

मेहमानों की गहमागहमी, हँसी-मज़ाक और शोरशराबे के बीच जैसे ही सुनील ने वधू वेश मे बैठी कामिनी की उँगली मे अँगूठी सरकाई कि सारा कमरा तालियों से गूँज उठा।कामिनी ने लजा कर झट धीमे से हाथ खींच लिया और पास खड़े सागर के नथुनों से एक गहरी राहत भरी साँस बाहर निकल कर फैल गई। … Read more

छोटू का घर – नेकराम : Moral stories in hindi

बात बचपन की है जब मैं कक्षा तीसरी में पढ़ता था हमारा स्कूल घर से 1 किलोमीटर की दूरी पर था उस दिन पिताजी ने दफ्तर से छुट्टी ले रखी थी पिताजी मुझे स्कूल छोड़ने चल दिए रास्ते में फिर मुझें सीमेंट के बने हुए बड़े-बड़े पाइप दिखाई दिए तो मैंने पापा से कहा ,,,पापा … Read more

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