कुआँ – डा. इरफाना बेगम Moral stories in hindi

बहुत ही अजीब बात है की जिस चीज़ से मैं सबसे ज़यादा ग़ुस्सा होती थी आज उसी चीज़ को अपनाया। सिर्फ अपने लिये नहीं बल्कि कई और लोंगों के लिये जिनको उसकी जरूरत थी। क्योंकि मुझे असकी जरूरत नहीं थी लेकिन उसे पाने के लिये मैने अपना अधिकार जताया। वह चीज थी एक कुआं, जिस … Read more

समझ – अलका पाठक: Moral stories in hindi

प्रीति आज सुबह से ही परेशान है।इतने दिनो से बेटे की मिलने की खुशी में क्या क्या नहीं कर रही थी।उसकी पसंद की खाने की चीजें एक एक करके ला कर घर में रख रही थी।उसके कमरे को अच्छी तरह से साफ सफाई कर के रखा था ताकि बेटे को आने के बाद असुविधा ना … Read more

पति परमेश्वर – पूजा शर्मा : Moral stories in hindi

क्या हुआ लक्ष्मी आज तो बहुत खुश हो? चेहरे पर अलग ही चमक है।  सुबह से देख रही हूं अकेले ही मुस्कुरा रही हो और काम करते-करते गुनगुना भी रही हो रेनू ने अपनी कामवाली बाई लक्ष्मी से पूछा जो बर्तन साफ करने के साथ-साथ गाना भी गुनगुना रही थी। लक्ष्मी कुछ शरमाते हुए बोली … Read more

बेटी और बहू का फर्क तो रहेगा ही – रोनिता कुंडु : Moral stories in hindi

मम्मी..! मुझे यह कप सेट बहुत पसंद आया है… यह मैं ले जाऊंगी भाभी से पूछ लो, उन्हें कोई दिक्कत तो नहीं..? राधा ने अपनी मां शारदा जी से कहा शारदा जी:   उससे क्या पूछना..? इस घर के फैसले मैं ही करती हूं… मेरा फैसला ही आखिरी होता है… तू ले जा ना… राधा … Read more

मीरा का नहीं केवल राधा का अधिकार – सुषमा यादव Moral stories in hindi

नीरजा अपने पति धीरज के साथ जिस शहर में रहती थी,उस मोहल्ले में बहुत सारे अच्छे परिवार रहते थे। उन्हीं में से एक मिश्रा जी का परिवार भी रहता था। वो उसी गांव के पास के रहने वाले थे जहां नीरजा और धीरज का भी गांव था।  इसलिए दोनों परिवारों में बहुत आना जाना लगा … Read more

फैसला हो चुका है – गीता वाधवानी : Moral stories in hindi

आधी रात का समय था। 3:30 बज रहे थे या फिर यूं कहिए कि भोर होने को थी। धीमी गति से जा रही पुलिस जीप, जिसमें तीन सिपाही और एक इंस्पेक्टर बैठे थे, जैसे ही आगे बढ़ी, एक आवाज आई”छपाक”।  गश्त लगा रही पुलिस तुरंत पीछे की तरफ आई। नदी के किनारे बनी रेलिंग पर … Read more

रिश्तों की कीमत – कमलेश राणा : Moral stories in hindi

मधु की बेटी की शादी थी चारों ओर खुशी का वातावरण था पर फिर भी न जाने क्यों उसका मन बेचैन था नज़र रह- रह कर दरवाजे की ओर चली जाती। वह जानती थी कि उसकी उम्मीद व्यर्थ है और इस सबके लिए वह खुद ही जिम्मेदार है तभी सब उसे बुलाने लगे भात का … Read more

एक फ़ैसला – बेला पुनिवाला: Moral stories in hindi

यशोदा जैसा नाम वैसे गुण और संस्कार, एक छोटा सा परिवार था, जिस में यशोदा उसके सास, ससुर, उसका पति और उसका बेटा जिसका नाम भी माधव ही रखा था, वह सब साथ में रहते थे, यशोदा अपने माधव से बहुत प्यार करती, अपने लाडले बेटे में जैसे उसकी जान बसी हुई थी, पूरा दिन … Read more

फैसला – निभा राजीव “निर्वी”: Moral stories in hindi

रणधीर जी दौड़ भाग कर विवाह का सारा काम और प्रबंध देखने में पूरे मनोयोग से लगे हुए थे! खुशी उनके चेहरे से जैसे छलकी जा रही थी और होती भी क्यों नहीं, आखिर उनके इकलौती बिटिया नेहा का विवाह जो था। रिश्तेदारों से घिरी हुई सजी-धजी नेहा बिल्कुल आज जैसे देवी माँ का स्वरूप … Read more

अपाहिज – आराधना सेन: Moral stories in hindi

वह खिडकी के पर्दे को जरा सा हटाकर देखी तो “वह लड़का आज भी खडा था उसकी नज़र इस खिडकी की तरफ ही थी “दीदी यह गणित नही समझ आ रही” एक छोटे से बच्चे की अवाज पीछे से आई।हम्म कौन वाली दिखाओ पूजा फिर बच्चो को पढ़ाने मे व्यस्त हो गई। दो घन्टे बाद … Read more

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