दुःख में सुख की खोज – बालेश्वर गुप्ता : Moral stories in hindi
पापा पापा, भैय्या हमें छोड़कर चले गये।भैय्या बिना कैसे रहेंगे? क्या–या या-रोहन चला गया।ओह, ये दुःख भी जीवन मे देखना बदा था।ईश्वर तूने मुझे क्यों नही उठा लिया? अपने समय के सफल कारोबारी रहे शांतिस्वरूप जी अब अधिकतर समय घर पर ही बिताते थे।उम्र भी तो 80 वर्ष के करीब हो गयी थी।दो बेटे थे … Read more