बहन – वीणा सिंह : Moral Stories in Hindi

   सुमन दी की बेटी की शादी का आग्रह भरा निमंत्रण पाकर मैं बहुत एक्साइटेड हो गई… फिर से बचपन से गुजर कर जवानी की दहलीज तक के सफर की अनमोल स्मृतियों से भरी उन गलियों में कदम रखना कितना सुखद होगा…                         रेलवे कॉलोनी में सुमन दी का परिवार मेरा परिवार और ठाकुर बिरेंद्र अंकल का … Read more

सूनी कलाई पर राखी – बालेश्वर गुप्ता : Moral Stories in Hindi

    ताशकंद में अपने प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री जी का निधन हो गया था,उनका पार्थिव शरीर भारत अगले दिन यानि 12 जनवरी 1966 को लाया जा रहा था,हवाई अड्डे से उनकी शव यात्रा प्रारंभ होनी थी।मार्ग में दोनो ओर हजारों की संख्या में लोग अश्रुपूरित श्रंद्धाजलि देने एवम उनके अंतिम दर्शन को खड़े थे।मेरठ से 16 … Read more

तेरे बदले मैं जमाने की कोई चीज ना लूं….. – सविता गोयल : Moral Stories in Hindi

बबिता जी आज बहुत उदास थीं। किसी काम में मन नहीं लग रहा था। जबसे अपने भाई के बीमार होने की खबर सुनी थी मन बहुत बेचैन था। तभी फोन की घंटी बजी। बबिता जी ने भागकर फोन उठाया।  ” ह… हैलो… भाभी , वहां सब कैसे हैं।भईया की तबीयत अब कैसी है ।,,  ” … Read more

किराएदार – कंचन शुक्ला : Moral Stories in Hindi

श्रीमती सुजाता के पति का देहांत हुए दो साल हो गए हैं। उनका अपने घर पर रहना कम ही होता है। उनके बेटे शेखर ने खराब स्वास्थ्य के मद्देनजर, उनको साथ रखने का इरादा किया है। उन लोगों ने अविका को अपना घर किराये से दे दिया है। अविका अपने पति और दो साल की … Read more

सफल दाम्पत्य … – सीमा वर्मा : Moral Stories in Hindi

अपने सफल दाम्पत्य की यह कहानी अनुराधा ने तब सुनाई थी जब उससे मिलने आई गीतिका ने हँसते हुए कहा , ”  तुमने भी किस औघड़दानी को चुना है अनु ! कहाँ तुम और कहाँ खिचड़ी फरोश दुकान मालिक  ? अनु हंसते हुए बोली , “ओ… उन्हें पाने के लिए पार्वती को वर्षों तप करना … Read more

चीनी घुली चाय – पूनम भटनागर : Moral Stories in Hindi

सोनल अपनी नई ड्रेस जो कि उसे सासू मां ने दी है , निकाल कर निहारे जा रही थी। तभी फोन घनघना उठा , उसकी छोटी बहन का था, उसने फोन उठा कर हेलो की ,कि छोटी बहन रेखा का रूदन सुनाई दिया, अरे रेखा क्या हुआ ,तू रो क्यों रही है, उसने बैचेनी से … Read more

आज की पीढ़ी – दिक्षा बागदरे : Moral Stories in Hindi

यह कहानी है निरवी की। निरवी एक आम गृहिणी है। सभी गृहिणियों की तरह वह भी सुबह से लेकर रात तक अपने घर के सारे कामों को करने में व्यस्त रहती है।  सास-ससुर, पति, बच्चों किसको कब क्या चाहिए ? किसको कब लाना है, कब छोड़ना है ? बाजार के काम निपटाना आदि सभी दैनिक … Read more

मेरा तो पहला बच्चा है ना – शुभ्रा बैनर्जी : Moral Stories in Hindi

श्यामा के परिवार में दो बेटे और दो बेटियां थीं।पति बहुत पहले एक चाय का ठेला लगाते थे।बड़ा बेटा आलूबंडा,समोसा,जलेबी बनाया करता था।आफिस मुख्यालय के सामने सुबह छह बजे से ठेला ग्राहकों के लिए उपलब्ध रहता था।पास ही में अस्पताल था,सो मरीजों के रिश्तेदारों के लिए यह ठेला किसी रेस्टोरेंट से कम न था।श्यामा दो … Read more

*गंगा स्नान* – बालेश्वर गुप्ता : Moral Stories in Hindi

जुहार बड़े सरकार।  अरे,गिरधर बड़ा आदमी हो गया है,अब तेरा इधर आना ही नही होता।अब भी बुलाने पर ही आया है।      सरकार, आप तो जाने है,मुन्ना शहर में नौकरी करने लगा है,उसके पास भी जाना लगा रहता है,और यहां भी सरकार आप की मेहरबानी से मिले जमीन के टुकड़े में बुआई,निडाई में लगना पड़ता है, … Read more

नाराज़ – शनाया अहम : Moral Stories in Hindi

गायत्री तुम शांत होने की बात कर रही हो, तुम ही बताओ कैसे शांत रहूं।  जिस बेटे के लिये मैंने दिन रात मेहनत की , पढ़ाया लिखाया , इस क़ाबिल बनाया,अपने सपनों को अपने बेटे के सपनों की बलि चढ़ा दिया, आज वो ही बेटा मुझसे एक लड़की की खातिर ज़बान लड़ा कर गया है।  … Read more

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