बुढ़ापा सबको आना है Moral Stories in Hindi

बेटा… तुम लोग कहीं जा रहे हो क्या..? मालती जी ने कहा…  बस टोक दिया ना..? क्या मां..? आपसे चुप नहीं रहा जाता है ना..? उम्र हो गई है तो बस अपना ध्यान भजन कीर्तन में लगाओ ना… हम एक हफ्ते के लिए बाहर जा रहे हैं खाने-पीने का सारा सामान रख दिया है और … Read more

पुनः एक बार – श्वेता सोनी : Moral Stories in Hindi

रात नींद के आगोश में समाने ही जा रही थी कि मोबाइल के पटल पर प्रकाश जगमगा उठा, नाम पढ़ा.. अनुराधा.. उंगलियों ने अपने कदम पीछे हटा लिए आज इतने दिनों बाद कैसे अनु ने फोन किया था, स्मिता समझने की कोशिश कर नहीं पाई कि फोन कट गया.. वापस फोन लगाने की हिम्मत ही … Read more

और कितना गुस्सा अंदर रखूं – मंजू ओमर : Moral Stories in Hindi

अस्पताल में बेड पर पड़े आंनद जी को जब डाक्टर देखने आए तो आंनद जी ने डाक्टर से पूछा और डाक्टर साहब कबसे चलने लगेंगे । डाक्टर ने कहा बस आज आपरेशन का दूसरा दिन है कल से नर्स आपको पकड़कर चलाएगी ।खड़ा तो हम लोग 24 घंटे के बाद ही कर देते हैं लेकिन … Read more

अम्मा बुटीक – डाॅ उर्मिला सिन्हा Moral Stories in Hindi

  “अरे यह शाल आपने कहाँ से लिया। “कंधे पर हाथ रख किसी ने पूछा तब अम्मा चौंक पड़ी।  “जी, कौन सा शाल… “आश्चर्य से अम्मा की आंखें फैल गई।  “जिसे आपने ओढ रखा है, क्या कलर कंबिनेशन और बुनावट… ओ माई गाॅड “अल्ट्रा मार्डन युवती की आंखें चमक उठी ।  “आइये  अम्मा “! कन्या की … Read more

लोग क्या कहेंगे लोगों का काम है कहना? – बीना शर्मा  : Moral Stories in Hindi

“मांजी  फलो का जूस पीजिए मैं आपके लिए ताजी-ताजी फलों का जूस बनाकर लाई हूं”सुधा ने अपनी सास से कहा तो  सास रामवती मुस्कुराते हुए बोली”बहु तू मेरी कितनी सेवा करती है सही समय पर मेरी दवाई  और खानपान का पूरा ध्यान रखती है ऐसा कर इसमें से थोड़ा सा जूस  तू भी पी ले … Read more

एक बुढ़ापा ऐसा भी – पुष्पा जोशी Moral Stories in Hindi

 ‘अरी रजनी  यह क्या चाय में कितनी शक्कर डाली है, तुम्हारा तो दिमाग ही फिर गया है। साठ साल की हो गई हो, थोड़ा सठिया गई हो।’  रजनी कपड़े सुखा रही थी। उन्हें सुखाना छोड़कर आई और बोली ‘अच्छा जी, मैं सठिया गई हूँ, और आपका दिमाग तो बिलकुल सही है कल चश्मा ऑंखों पर … Read more

आया नहीं मां ही रहो – शुभ्रा बैनर्जी Moral Stories in Hindi

नैना आज बहुत खुश थी।साल भर बाद छोटी ननद आ रही थी,अपनी बेटी के साथ।शादी होकर आते ही अविवाहित छोटी ननद, नैना की सहेली बन गई थी।नैना की शादी के तीन साल बाद शादी हुई थी उसकी।हुई क्या थी,नैना ने ही करवाई थी। रिटायर्ड ससुर जी की जमा पूंजी प्रायः समाप्ति की कगार पर थी,जब … Read more

बुढ़ापा सार्थक हो गया – विभा गुप्ता Moral Stories in Hindi

 स्त्री हो या पुरुष, बुढ़ापा के बारे में सोचकर सभी चिंतित हो जाते हैं।जिनके बेटे हैं वो सोचते हैं कि अगर बहू सेवा न की तो…और बेटी वाले सोचते हैं कि काशः हमारे भी एक बेटा होता तो बुढ़ापा आराम से कट जाता।लेकिन श्री महावीर प्रसाद और श्रीमती कनकलता देवी जी का कहना था कि … Read more

जाग्रति – शुभ्रा बैनर्जी Moral Stories in Hindi

ममता से अब अपनी बहू का दुख देखा नहीं जा रहा था।शादी को सिर्फ दो बरस ही हुए थे।बड़े बेटे राहुल का ब्याह अपने गृहनगर (राजस्थान)में करवाया था उन्होंने।नीरजा (बहू)पढ़ी लिखी,सुंदर और सुशील लड़की थी।घर गृहस्थी संभालने में निपुण थीं नीरजा।राहुल जैसे गैरजिम्मेदार पति को संभाल लिया था उसने। सुबह दोस्तों के साथ क्रिकेट खेलने … Read more

लोगों का तो काम है कहना- शनाया अहम् Moral Stories in Hindi

अरे देखो तो कैसे रंग की साड़ी पहन रखी है, अभी पति को गए दिन ही कितने हुए हैं ,,, अरी ! बहन,दिन चाहे कितने भी हो जाये , विधवा तो सारी उम्र विधवा ही रहती है।  शर्म हया सब बेच खाई है , लगता है  ये शब्द साक्षी के कानों में गरम सीसे की … Read more

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