मायके आने पर सवाल क्यों….? – रश्मि प्रकाश Moral Stories in Hindi

“ राशि तुम्हें नहीं लगता ये नीति इतना मायके आती रहती है और मम्मी जी हमें तो मायके कभी जाने नहीं देती….।”जेठानी रति ने राशि से कहा ” हाँ भाभी सही कह रही हो आप ….पर नीति को तो हम मना कर नहीं सकते आख़िर इस घर की इकलौती बेटी जो  है…. उपर से मम्मी … Read more

जीवन का सवेरा (भाग -10 ) – आरती झा आद्या : Moral stories in hindi

“रात भर में रोहित ने तुम सब के बारे में इतना बता दिया कि लगता ही नहीं कि यह हमारी पहली मुलाकात है। उनकी बातों में एक अजनबी क़ी नहीं, बल्कि एक पुराने दोस्त से मिलने क़ी चाहत दिख रही थी औऱ तुम्हारे हाथ के खाना के बारे में रोहित ने बताया कि किसी फाइव … Read more

लोगो का तो काम ही है बाते बनाना – रीतू गुप्ता Moral Stories in Hindi

मीरा के रेस्टोरेंट का आज इनोग्रेशन था, जिसका रिबन उसकी सासु माँ .. पोती वृंदा, राजू की पत्नी सरिता और बेटी सिया के साथ मिलकर काट रही थी। साथ में पोता अनुज और मीरा और राजु भी खड़े थे।  आज दादी की आँखों में आंसू थे .. दादी … वृंदा यह सब तेरी वजह से … Read more

बदलते परिदृश्य – लतिका श्रीवास्तव Moral Stories in Hindi

एकदम जल्दी जल्दी से अपना आधार कार्ड और  हवाई टिकट्स काउंटर पर दिखाने के लिए निकालती विधि का पर्स बनाम बैग हड़बड़ी में नीचे जमीन पर गिर गया।फुर्ती से उसे उठाने के लिए झुकी ही थी कि फर्श पर पानी बहता हुआ आया और पर्स उठाते  उठाते भी गीला हो गया…!एयरपोर्ट का हाल रेलवे स्टेशन … Read more

कभी-कभी मेरे दिल में ख्याल आता है – संध्या त्रिपाठी Moral Stories in Hindi

 क्या बात है मैडम… आजकल आप अपने में खोई रहती हैं कहीं पुरानी यादों के बहाने हमें भुलाया तो नहीं जा रहा है ना …. ? आरव ने छेड़ते हुए पत्नी आकृति से कहा ….! आकृति ने मुस्कुराते हुए कहा ….जानते हो आरव…. कभी-कभी मेरे दिल में ख्याल आता है…..!        हाँ हाँ बोलो आकृति…ऐसा कौन … Read more

अकेला ही काफी हूं – नेकराम Moral Stories in Hindi

हमारी श्रीमती रोज की तरह फिर मुझसे आज बोली,, हमारे बगल वाली पड़ोसन आज फिर रो रही थी दो सप्ताह से उसकी बेटी सितारा घर नहीं लौटी किसी लड़के ने प्यार के जाल में फंसा कर उसे नकली शादी कर ली और न जाने उसे कहां ले गया सितारा का फोन भी स्विच ऑफ जा … Read more

सोच से लड़ाई – रश्मि प्रकाश : Moral Stories in Hindi

“ मनीष बीस साल होने जा रहे है हमारी शादी को…ज़रूरी है माँ को गड़े मुर्दे उखाड़ना….पहली बार में ही मैं समझ गई थी कि बड़ी भाभी से माँ की बहुत बनती है…आपके पिताजी के देहान्त के बाद बड़े भैया भाभी ने पूरे घर को बहुत अच्छे से सँभाल लिया…अपने से छोटे दोनों भाई बहन … Read more

नेकराम की नई गुल्लक – नेकराम Moral Stories in Hindi

मेरा मुरझाया हुआ चेहरा देखकर हमारी श्रीमती बोली तुम मुंह लटकाए क्यों बैठे हो क्या हुआ,, छत से जरा से कपड़े लाने में थक गए हो क्या ,, मैंने मोबाइल दिखाते हुए कहा,, मोबाइल पानी के टब में गिरकर गीला हो गया शाम को ड्यूटी भी जाना है मोबाइल की जरूरत पड़ती है सातवीं कक्षा … Read more

रामपाल की जमीन – नेकराम Moral Stories in Hindi

उन दिनों में एक सेंटमार्क पब्लिक स्कूल का सिक्योरिटी गार्ड था स्कूल में पहली कक्षा से 12वीं कक्षा तक के विद्यार्थी पढ़ते थे उस स्कूल का मालिक अमीरचंद बहुत अमीर था ,,,,, स्कूल के गेट पर डंडा लिए मैं कुर्सी पर हमेशा बैठा रहता था वेतन भी ठीक-ठाक मिल जाता था नाइट वाले गार्ड की … Read more

पत्नी का मायका – नेकराम Moral Stories in Hindi

मैंने दीवार की कील पर लटकी घड़ी की तरफ देखते हुए कहा शाम के 7:00 बज चुके हैं जल्दी खाने का टिफिन थैले में रखो श्रीमती जी रसोई में खड़ी खाना बांधते हुए बोली कई महीने हो गए मायके की शक्ल तक नहीं देखी मां का फोन स्विच ऑफ जा रहा है मैंने खाने का … Read more

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