साथ रहकर अलग होने से अच्छा है अलग रहकर साथ रहें। – सविता गोयल : Moral Stories in Hindi

”  बड़ी भाभी सुना है आपका नया मकान बस बनने को हीं है। अब तो जब अगली बार आऊंगी तो लगता है आपके पास अलग से हीं आना पड़ेगा । बुलाएं तो गीं ना मुझे ??? ,,  ममता अपनी बड़ी भाभी रीति से बोली लेकिन उनकी बोली में एक तंज था। या फिर शायद अपने … Read more

बेचारी..? कौन बेचारी..? – रोनिता : Moral Stories in Hindi

सुना है मनोज…. हमारे पड़ोस के वर्मा जी के बेटे का तलाक हो रहा है… यह तो होना ही था… रोज-रोज के झगड़ों से अच्छा है कि एक ही बार में अलग हो जाए… आशा जी ने अपने बेटे मनोज से कहा  मनोज:   अच्छा..? पर अतुल भैया और सीमा भाभी तो बड़े खुश दिखते … Read more

मेरे साथ ऐसा व्यवहार करोगे कभी सपने में भी नहीं सोचा था – मनीषा सिंह : Moral Stories in Hindi

भाभी —! क्या –आप कुछ देर चिंटू को संभालेंगी?? परू का आज वैक्सीनेशन है इसलिए उसे डॉक्टर के पास लेकर जाना है धूप ज्यादा है सो चिंटू की तबीयत ना खराब हो जाए। ‘मैं वैक्सीन दिला कर जल्द से जल्द आने की कोशिश करूंगी।’  अवनी अपनी भाभी निहारिका से बोली । हां -हां दीदी !आप … Read more

पराजित – बिंदेश्वरी त्यागी : Moral Stories in Hindi

रामकिशन जी आज फिर मकान को सुरुचि पूर्ण ढंग से सजा रहे थे l रंगीन और सुंदर परदे , नई-नई कलाकृतियां और सोफे को अलग तरीके से व्यवस्थित कर रहे थे l नाश्ते में मिठाई नमकीन बिस्कुट के साथ घर की बनी हुई चीजों को भी रखा था l भोजन भी स्वादिष्ट और अच्छा हो … Read more

तुम्हारी हिम्मत कैसे हुई ऐसी बात करने की – मंजू ओमर : Moral Stories in Hindi

मम्मी तुमने हमारे साथ बहुत बुरा किया है देखना तुम तुम्हें इसकी ऐसी सजा मिलेगी कि तुम कभी भूल नहीं पाओगी। अखिल के ऐसे शब्द सुनकर तनुजा हतप्रभ रह गई, वो बेटे अखिल की तरफ देखते हुए बोली ये तुम क्या कह रहे हो बेटा, ठीक ही तो कह रहा हूँ, तुमने बहुत बुरा किया … Read more

आत्मसंतुष्टि- करुणा मालिक : Moral Stories in Hindi

मधु ! सामान बाँधने की तैयारी करो …. ट्रांसफ़र रूकने की अब  कोई उम्मीद नहीं  बची, आज पता चला है कि मेरी जगह आने वाले डॉक्टर सोमवार को ज्वाइन कर लेंगे ।  हाय राम ! बताओ …. तंग हो गई मैं तो….. एक साल पहले मेरा ट्रांसफ़र यहाँ हुआ तो अब आपका हो गया …. … Read more

सास का मयका- आराधना सेन : Moral Stories in Hindi

“अरे दीदी आ भी जाओ रज्जो आई हैं बार बार पुछ रही थी, बुआ कब आयेगी कितने दिन उनसे मिलना नही हुआ “माँ फोन पर बुआ से बात कर रही थी। रज्जो गर्मियो की छुट्टियो मे आई थी बुआ की प्यारी हैं रज्जो एक उम्र के बाद रज्जो बुआ की सहेली बन गई थी बुआ … Read more

तुम मेरे साथ ऐसा बर्ताव करोगे, कभी सपने में भी नहीं सोचा था। – शनाया अहम : Moral Stories in Hindi

मधु ऐसे मत रो , देखो पहले ही तुम्हारी तबियत ख़राब है और उस पर से अगर तुम ऐसे रोई तो तबियत और बिगड़ जाएगी।  अपनी पत्नी मधु को समझाते हुए अशोक ने उसे चुप करने की कोशिश की लेकिन मधु आज जबसे हॉस्पिटल से आई वो लगातार रोये जा रही थी।  आज उसके चेकअप … Read more

आशंकित आंखे – बालेश्वर गुप्ता : Moral Stories in Hindi

 भैय्या मैंने आपका सूटकेस ऊपर के कमरे में रख दिया है,आप और भाभी वही आराम करना। अरे ठीक है अन्नू,अपना घर है,कही भी कैसे भी रहे,क्या फर्क पड़ता है।बाबूजी के जाने के बाद उनकी याद तो यहां आकर आती ही है, पर अन्नू तेरा प्यार और सम्मान पाकर यहाँ अपनापन लगता है।      बंसीधर जी के … Read more

सास बनते ही क्यूं बदल गई मां?? – पूर्णिमा सोनी : Moral Stories in Hindi

सुरेखा जी से तो अपनी खुशी थामे नहीं थम रही थी और हो भी क्यों ना! नई ब्याहता बिटिया सिमरन और दामाद मानवेन्द्र घर जो आ रहे हैं! अपनी पड़ोसन को चहकते हुए बता रही थी। बेटी घूमने निकली थी तो थोड़ा सा रुट चेंज करके बीच में दो दिन के लिए मायके भी रुकने … Read more

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