पति पत्नी का रिश्ता – संगीता अग्रवाल : Moral Stories in Hindi

सुंदरलाल जी अपने कमरे मे गुमसुम से बैठे एक तस्वीर को निहार रहे थे वो तस्वीर उसकी थी जो कुछ दिनों पहले तक जीती जागती सुंदरलाल जी के साथ थी पर आज तस्वीर हो गई थी । वो तस्वीर थी सुंदरलाल जी की अर्धांगिनी सरला जी की जो अभी पंद्रह दिन पहले उनके साथ अड़तालिस … Read more

तेरी जैसी क़िस्मत कहाँ किसी की – रश्मि प्रकाश : Moral Stories in Hindi

“ चलो उठो ये लो चाय पी लो ।” साइड टेबल पर चाय रखते  हुए रोहित ने अंकिता को प्यार से कहा और माथे पर चुंबन अंकित कर दिया  अंकिता मुस्कुराते हुए पति को देखी और सँभल कर उठ कर बैठ गई। “ क्या बात है आज पतिदेव बहुत मेहरबान हो रहे है … ये … Read more

एक टुकड़ा रोटी – गीता वाधवानी : Moral Stories in Hindi

अखिल और राजेश आज अपने बेस्ट फ्रेंड विवेक की शादी में आए हुए थे। उसकी सगाई में भी दोनों ने बहुत इंजॉय किया था और खूब डांस किया था।  वे लोग शादी में भी सुबह तक रुकना चाहते थे लेकिन अगले दिन सुबह अखिल की ऑफिस में एक अर्जेंट मीटिंग थी, पहुंचना जरूरी था। इसीलिए … Read more

विछोह – श्वेता सोनी : Moral Stories in Hindi

दो बरस पहले ऐसे ही माँ चली गई थीं आँखों में आँसू भर के, मन में एक टीस लिए.  शुभि  कितना रोई थी तब ना, शुभि तो उतना अपनी विदाई पर भी नहीं रोई थी जितना उस दिन रोई थी.  यह रोने और उदासी का सिलसिला तो उसी दिन से शुरू हो गया था जिस … Read more

जब मां ने बताई अपनी कीमत !! – स्वाती जैन : Moral Stories in Hindi

साहिल ऑफिस से जैसे ही घर पहुंचा , सुरेखा जी को नजर अंदाज करके सीधा अपने कमरे में चला गया !! सुरेखा जी तो बेचारी कब से उसी का इंतजार कर रही थी मगर साहिल को तो मां के पास रुकने की तो छोडो उनको देखने तक की फुर्सत नही थी !!  सुरेखा जी का … Read more

शहीद बेटे की मां – शिव कुमारी शुक्ला : Moral Stories in Hindi

जैसे ही तेजाराम का  पार्थिव शरीर पैतृक गांव पहुँचा तो पूरा  गांव उमड़  पड़ा अपने लाडले  बेटे के अन्तिम दर्शन करने हेतु ।मां तो जैसे पत्थर  की मूर्ति बन गई। न रोना न कोई प्रतिक्रिया देना  जैसे बैठी थी बैठी रह गई  । पत्नी देखते ही  चीख मार कर बेहोश हो गई। अभी उन्होंने साथ … Read more

स्वयं की कीमत का समझना – बालेश्वर गुप्ता : Moral Stories in Hindi

 अरे अंशू पिछले एक सप्ताह से  तुम ऑफिस आ ही नही रहे हो, क्या बात है?सब ठीक तो है हाँ अंकल सब ठीक है,वो मैंने आपकी वाली कंपनी को छोड़ दिया है,त्याग पत्र कुरियर कर दिया है,मिल जायेगा। लेकिन बात क्या हुई?अगर वेतन की बात है तो मैं डायरेक्टर साहब से बात करता हूँ,तुम  कल … Read more

“खूबसूरती रिश्तों की” – कविता भड़ाना : Moral Stories in Hindi

“खुशी जल्दी उठो बेटा दामाद जी का फोन है”…  “क्या मम्मी अमित यहां भी चैन से नहीं रहने दे रहे, अभी कल ही तो आई हूं, ऐसी भी क्या आफत आ गई जो सुबह सुबह फोन कर रहे है”… खुशी ने गुस्से से बड़बड़ाते हुए फोन ले लिया… थोड़ी देर अमित से बात करके खुशी … Read more

कीमत – के कामेश्वरी : Moral Stories in Hindi

श्यामा जब तीसरी बार प्रेगनेंट थी तब वह रोज भगवान से प्रार्थना करती थी कि इस बार उसके घर बिटिया को ही भेजना । पति रोहन हँसते हुए कहा करते थे कि श्यामा बेटा हुआ तो किसी को दे देगी क्या? वह कहती थी कि मज़ाक़ में भी मत कहिए कि बेटा होगा हमारे दो … Read more

क्यूं ना करूं अपनी किस्मत पर नाज़ – प्रतिभा भारद्वाज ‘प्रभा’ : Moral Stories in Hindi

“मैया, ये देखो आज हमने कितनी सुंदर पोशाक बनाई हैं….” राधिका और माला ने यशोदा जी से कहा “अरे वाह! मेरी बच्चियों बहुत सुंदर….”  “और आज के लिए ये फूलमालाएं भी तैयार हो गईं है….” इतने में अराध्या और ललिता भी कहती हुई आईं। और फिर सब गाती बजाती मंदिर अपने कान्हा के दर्शन करने … Read more

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