बहू तो अच्छी थी,खराब तुमने कर दी भाभी…. – सिन्नी पाण्डेय : Moral Stories in Hindi

देवकी अपने मायके लगभग तीन साल बाद आई थीं। पोते पोती घर से निकलने नहीं देते थे। इस बार उनकी बहू अपने मायके गई, तो बोली “मम्मी जी आप भी अपने मायके हो आइए कब तक इन लोगों के चक्कर में कहीं नहीं जाएंगी”,तो देवकी ने फौरन अपने मायके आने का प्रोग्राम बना लिया। देवकी … Read more

*नयी सुबह* – बालेश्वर गुप्ता : Moral Stories in Hindi

अरे, बहन तुम तो प्रैग्नेंट हो,कैसे ऊपर की बर्थ पर चढ़ोगी,तुम्हे कोशिश भी नही करनी चाहिये।देखो मेरी बर्थ नीचे वाली है, तुम इस पर लेट जाओ,मैं ऊपर चली जाती हूँ।      बहन जी आपकी बड़ी मेहरबानी, मैं कहते झिझक रही थी।      आपके पति साथ नही आये।आपको सामान आदि रखने उठाने में परेशानी नही होगी क्या?         मैं … Read more

अंतिम पड़ाव.. – विनोद सिन्हा “सुदामा” : Moral Stories in Hindi

खाना शुरू करते ही वर्मा जी ने पत्नी यशोदा से कहा…. क्या बात है आज दाल में नमक डालना भूल गई क्या.. सब्जी भी फीकी लग रही आज तो… क्या कह रहे हैं.. डाली तो थी स्वादानुसार नमक दाल में.. हाँ सब्जी में मिर्ची कम डाली है.. डाक्टर ने मना किया है आपको.. लेकिन आप … Read more

घड़ियाली आंसू बहाना – मंजू ओमर : Moral Stories in Hindi

क्या हुआ शिवम् का ,आज आई आई टी का रिजल्ट आया है न अंकिता की जेठानी माधवी का फोन आया ।वो शिवम् का‌ सलेक्शन नहीं हुआ भाभी अंकिता ने बताया । अच्छा तुम परेशान न हों मैं घर आ रही हूं तुम्हारे जेठानी माधवी बोली अंकिता और माधवी देवरानी जेठानी थी । अंकिता के जेठ … Read more

कोई मुझे प्यार नहीं करता – कमलेश आहूजा : Moral Stories in Hindi

मेरी तो किस्मत ही काली स्याही से लिखी गई है..कितना भी कर लूं किसी के लिए कोई मुझे प्यार नहीं करता…नेहा रोते रोते बस अपनी किस्मत को कोसे जा रही थी…सहेली रिया उसे समझाते हुए बोली – “नेहा हो सकता है तेरा सोचने का तरीका गलत हो..तुझे किसी का प्यार दिखाई ही नहीं देता हो।” … Read more

पागल अम्मा – संध्या त्रिपाठी : Moral Stories in Hindi

अरे रे ये क्या कर रही हैं आप…?  पागल हो गई है क्या…? चुपचाप एक जगह पर बैठती क्यों नहीं ….कस के चींटी काटने वाले अंदाज में बाँह पकड़ कर पूजा के कमरे से खींचती हुई बिस्तर पर लाकर पटक दिया बहू हेमा ने…!  अब बिल्कुल यहां से नही हिलेंगी … जब तक मैं ना … Read more

अब नाटक बंद करो – रश्मि प्रकाश : Moral Stories in Hindi

“ बंद करो ये घड़ियाली आँसू बहाना … आज ये जो कुछ भी हुआ है उसकी वजह बस तुम हो तुम।” तमतमाते हुए नितिन ने अपनी पत्नी पूर्णिमा को कहा और परे धकेल दिया  सामने ज़मीन पर पिता का निर्जीव शरीर पड़ा हुआ था उसकी माँ छाती पीट पीट कर रो रही थी  अपने ही … Read more

“कीमत” – पूजा शर्मा : Moral Stories in Hindi

खुशी देहरादून अपनी बचपन की दोस्त शालिनी के बेटे की बर्थडे पार्टी मेंआई हुई थी सारा इंतजाम एक होटल में किया गया था वह, दिन भर की थकान से थोड़ा सा थक गई थी इसीलिए वह थोड़ी देर के लिए अपने कमरे में आराम करने के लिए आ गई उसका सर दर्द से फटा जा … Read more

ममता की कीमत – विभा गुप्ता : Moral Stories in Hindi

 क्या कहा आपने!…मैं अपनी छुटकी को आपकी भाभी की गोद में डाल दूँ।किसी भी कीमत पर नहीं..कैसे भूल जाऊँ कि उन्होंने मेरी बच्चियों को कितना भला-बुरा कहा है।आपकी भाभी को तो मेरी बेटियाँ चुभती थी ना…फिर आज…।आप लोगों के स्वार्थ को मैं खूब समझती हूँ।” अंजू अपने पति अशोक पर लगभग चीखते हुए बोली तो … Read more

करनी का फल – विभा गुप्ता : Moral Stories in Hindi

  ” हाय…! मेरी बहू….भगवान ने क्यों छीन लिया मेरी फूल -सी बच्ची को..।” बहू की अर्थी को चार लोग कंधा देकर ले जाने लगे तो पचपन वर्षीय सुलोचना छाती पीट-पीटकर रोने लगी और मोहल्ले की महिलाएँ उनको #घड़ियाली आँसू बहाते देख चकित थीं।        सुलोचना के पति गजेन्द्र बाबू की गाँव में एक परचून की दुकान … Read more

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