रिश्तो की मर्यादा – तान्या यादव : Moral Stories in Hindi

विनी के दिमाग का दही हो गया था वह परेशान हो गई थी आखिर क्यों सब उसके और विनीत के हर छोटे-मोटे बहस में शामिल हो जाते है, फिर वह सासू माँ हो या छोटा देवर छोटी ननद बात विनी के मायके की हो या विनी के और विनीत के बीच की सब लोगआकर दो … Read more

सीमालोघन रामू का – बालेश्वर गुप्ता : Moral Stories in Hindi

  हे, पार्वती,तू तो चली गयी,और मुझे छोड़ गयी, इस जलालत भरे जीवन भोगने को।मैं इतना कमजोर क्यूँ हूँ, जो मरने से डर जाता हूँ।      पत्नी के फोटो के सामने खड़े शंकरलाल, ऐसे ही अक्सर अपनी पीड़ा अपनी स्वर्गीय पत्नी के फोटो के सामने व्यक्त करते रहते।बिल्कुल चुपचाप कमरे को बंद करके।पर कमरे की खिड़की से … Read more

गूंज तमाचे की! – प्रियंका सक्सेना : Moral Stories in Hindi

नैना एक हफ़्ते की छुट्टियों में घर आई है। वह इलेक्ट्रिकल   इंजीनियरिंग सातवें सेमेस्टर की विधार्थी है। सेमेस्टर ब्रेक में घर आकर उसकी खुशी बातों से ही महसूस की जा सकती है। सारे घर में आज़ाद पंछी की तरह कभी इस कमरे में तो दूसरे ही पल अगले कमरे में पाई जाती है। बाबा … Read more

छोटी खुशियां – रश्मि झा मिश्रा : Moral Stories in Hindi

हवा में उड़ती गेंद आई और छत पर एक कोने में रखी… अचार की बरनी में इस तरह टकराई की बरनी दीवार से जा लगी… देखते-देखते उसमें से ताजा अचार की खुशबू के साथ-साथ सरसों का तेल बह निकला…  अम्मा अभी-अभी अचार को डब्बे में डालकर हाथ ही सुखा रही थी… आवाज सुन भागी आई… … Read more

समस्या का समाधान – शिव कुमारी शुक्ला   : Moral Stories in Hindi

नुपुर और दीपेश दोनों ही साफ्टवेयर इंजिनियर थे और दोनों अलग-अलग कम्पनी में कार्यरत थे। किसी कामन मित्र के घर पार्टी में दोनों का परिचय हुआ ।धीरे -धीरे बारबार मिलने पर उनकी दोस्ती गहरी हो गई। दोनों ही एक दूसरे के व्यक्तित्व से प्रभावित हुए और कब उनके दिल के तार जुड़ गए उन्हें भी … Read more

बासी बहू के लिए, और अच्छा उसे नसीब नहीं – रोनिता कुंडु   : Moral Stories in Hindi

मम्मी जी.. मैं खाना खाने बैठी हूं… खा लूं फिर आपकी दवाई देती हूं.. मनीषी ने कहा  जब तुम्हें पता ही होता है खाना खाने के बाद ही मुझे दवाई लेनी होती है… फिर पहले ही मुझे दवाई देकर क्यों नहीं खाने बैठी..? या फिर यूं कह लो आज पुलाव देखकर तुम्हारी जीभ सब्र नहीं … Read more

छोट छोटी बातों में खुशियों को तलाश करना सीखो – माधुरी गुप्ता   : Moral Stories in Hindi

खुशियों का न तो कोई तय शुदा पैमाना होता है और न खुशियों की कोई एक्सपायरी डेट होती है। परंतु ये हमारा बावरा मन कभी कभी पूरी उम्र खुशियों की तलाश में भटकता रहता है और खुशियां हमारे आसपास ही टहलती रहती हैं।बस हम लोग किसी बड़ी खुशी की आस में छोटी छोटी खुशियों को … Read more

कड़वाहट – शनाया अहम्   : Moral Stories in Hindi

कभी कभी कुछ ऐसा हो जाता है कि मिठास से भरे रिश्तों में भी कड़वाहट आ जाती है और ये कड़वाहट रिश्तों को रिश्तों से दूर कर देती है।  ऐसा ही कुछ हुआ अंकिता और उसकी भाभी सुजाता के बीच।  अंकिता अपने माता पिता और बड़े भाई के साथ दिल्ली में रहती थी , परिवार … Read more

खुश रहने का हक तो उनको भी है ना…. – रश्मि प्रकाश   : Moral Stories in Hindi

“ छोटी छोटी बातों में ख़ुशियों की तलाश करना सीखो….!” माँ के बोल राशि के कानों में गूंज रहे थे…. राशि ना चाहते हुए भी सोचने लगी….क्या सच में निकुंज को अब मेरी परवाह नहीं रहीं ….. ऐसा क्या हुआ जो पच्चीस साल के बाद अचानक बदल गए…. हर तारीख़ जिसे याद रहती…. मुझसे जुड़ी … Read more

रियल हैप्पिनेस – विभा गुप्ता  : Moral Stories in Hindi

       ” पर मम्मा…मनीष के घर में तो बहुत गंदगी होगी …अंशु और रुनझुन तो एक पल भी वहाँ रह नहीं पाएँगे..।” मानसी अपनी माँ सुनयना से थोड़ा रूठते हुए बोली तो वो बोलीं,” तो फिर ठीक है…हम ही अपना कनाडा जाना कैंसिल कर देते हैं…अविनाश भाईसाहब के…।”    ” अरे नहीं मम्मा…आप और डैड कनाडा जाइये…मैं … Read more

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