कबीरा गर्व न कीजिए ! अभी नाव मझधार !! – बिमला महाजन : Moral Stories in Hindi

  राधिका के घर किट्टी पार्टी थी। किट्टी पार्टी में  होने के लिए सभी महिलाएं अपनी बेहतरीन ड्रेस में सज धज कर समय से पूर्व ही पहुंच चुकी थी। सब की नजर घड़ी पर थी ।  ” ग्यारह बज गए हैं चलो जल्दी से पंक्चुअलिटी निकालो  ” मिसेज मेहता ने कहा ।  इस बार  मिसेज सोनी … Read more

सास बिना कैसा ससुराल – मंजू ओमर : Moral Stories in Hindi

आज शिखा को किटी पार्टी में जाना है ।वो अपने तीन साल के बेटे को तैयार कर रही है साथ ले जाने को । तैयार करते करते बार बार झुंझला जा रही है देर हो रही है घर में कोई है भी तो नहीं कि मोनू को उसके पास छोड़ दूं । फिर भी जब … Read more

पिघलती बर्फ – बालेश्वर गुप्ता : Moral Stories in Hindi

आज फिर शांति बुआ आनेवाली थी,मैं तो खुश था,पर मम्मी अशांत थी।शांति बुआ यूँ तो हर वर्ष 15-20दिनों के लिये आती ही थी,मेरी उनसे खूब पटती थी,मैं उनसे भगवान राम,कृष्ण लीला एवं रावण,कंस वध आदि आदि की कहानियां सुना करता,मुझे ये कहानियां सुनने में खूब मजा आता था,बुआ भी खूब चाव से सुनाती थी। उन्हें … Read more

कंलक लग जाता – मंजू ओमर : Moral Stories in Hindi

राजन खोसला को स्टेज़ पर देख कर दीक्षा कहीं खो सी गई थी।वो अपने जीवन के 10 साल पहले के बीते समय में खो गई थी। तभी कानों में उसके आवाज आई दीक्षा भार्गव प्लीज़ स्टेज पर आएं । आपने ,(छोटी बच्चियों पर गलत निगाह रखने वाले पर क्या कार्रवाई हो )इस विषय पर प्रतियोगिता … Read more

अशांति – वीणा सिंह : Moral Stories in Hindi

 सुवर्णा मां बनने वाली है जब से टेस्ट रिपोर्ट देखने के बाद लेडी डॉक्टर  शुभ्रा बनर्जी  ने कन्फर्म किया, सुवर्णा अंदर से सिहर सी गई.. धीरे धीरे #अशांति #भय और घबराहट परछाई की तरह उसे घेरने लगी . सामान्य सी बात पर भी सुवर्णा अशांत हो जाती… पति  सुजीत के साथ मात्र दो महीने रह … Read more

शांति से अशांति भली – हेमलता गुप्ता : Moral Stories in Hindi

मजाल है जो इस घर में 2 मिनट की भी सांस ले ले, खुद तो महारानियां खा पी कर अपने-अपने कमरों में सो गई है और यहां बच्चों को छोड़ दिया है मेरी नींद हराम करने के लिए, जाओ बच्चों बाहर जाकर खेलो थोड़ी देर, अभी दादी  आराम करेगी, लेकिन दादी बाहर तो बहुत धूप … Read more

मूंगा की लाली – डाॅ उर्मिला सिन्हा : Moral Stories in Hindi

आकाश में चांद रजत थाल के समान लटका हुआ है…उज्जवल धवल चांदनी चहुंओर फैली हुई है…मूंगा के आंखों में सुनापन…नींद कोसों दूर…     भविष्य का पता नहीं….बेमुरव्वत वर्तमान… और अतीत में उलझा बावडा़ मन…  बाल-विधवा …मूंगा.. न नैहर में कोई न ससुराल में…आगे नाथ न पीछे पगहा…    दुसरों का सेवा-टहल कर उसने अपनी आधी उम्र व्यतीत … Read more

कलंक –  रोनिता कुंडु  : Moral Stories in Hindi

अभी नर्मदा जी को दो-तीन दिन आईसीयू में ही रखना पड़ेगा… उसके बाद ही उनकी हालत के बारे में अच्छे से बता सकते हैं… उन्हें दिल का दौरा पड़ा है… डॉक्टर ने रोहित और आंचल से कहा… डॉक्टर यह सब कह ही रहे होते हैं तभी रोहित की बहन राधिका दौड़ती हुई वहां आई और … Read more

मंजिल मुझे पाना है –  कमलेश आहूजा : Moral Stories in Hindi

रमा अपनी इकलौती बेटी परी को लेकर हमेशा परेशान रहती थी।कारण ये था,कि रमा के पति सुरेश परी को अपनी तरह एम बीए करावाना चाहते थे पर परी का मन ड्राइंग बनाने में लगता था।वैसे उसने ग्रेजुएट कम्पलीट कर लिया था।सुरेश रोज परी को ताना मारते रहते थे-“तुम्हारे साथ की कई लड़कियाँ डॉक्टर बन गईं,तो … Read more

बेटियाँ कलंक नहीं होतीं –  विभा गुप्ता : Moral Stories in Hindi

  ” चल हट….बड़ी आई पढ़ाई करने वाली…जा..चौके में जाकर अपनी माँ से खाना पकाना सीख…वही तेरे काम आयेगा..।” दुत्कारते हुए विमला ने सात साल की सुकृति के हाथ से काॅपी छीन लिया तो वह रुआँसी होकर अपनी माँ माधुरी के पास चली गई।          विमला जब इस घर में प्रमोद की पत्नी बनकर आई थीं तब … Read more

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