अधूरी रह गई हसरत सोनेके कंगन पहनने की – मंजू ओमर
ये लो बहू ये सोने के कंगन अब तुम रखो,अब ये मेरे किस काम का है।बहू रिया ने खुशी खुशी हाथ फैलाए कंगन लेने को लेकिन कंगन पुष्पा जी हाथ में कंगन लिए हुए ही कहीं खो गई। मां मां कहां खो गई आप ये कंगन तो मुझे दे रही थी न , लेकिन ये … Read more