ऐसी भी क्या ग़लती! – सीमा प्रियदर्शिनी सहाय : Moral Stories in Hindi
घर में अशांति मची हुई थी।सबके अपने अपने बोल थे। रीमा बुआ अलग मुंह फुलाकर बैठी हुई थी। उधर बड़ी चाची का पारा वैसे भी चढ़ा हुआ था। बाबाजी गुस्से में गर्म हुए जा रहे थे और अम्मा का तो कहना ही क्या!हाई बीपी की मरीज उसपर सबके तलवार उनके ही सिर पर लटक रहे … Read more