खन्दान की इज्जत – पुष्पा पाण्डेय   : Moral Stories in Hindi

पूजा बारहवीं की परीक्षा नब्बे प्रतिशत अंक से उत्तीर्ण हुई। अब काॅलेज में नामांकन की तैयारी हो रही थी। कोशिश थी कि अच्छे- से-अच्छे काॅलेज में नामांकन हो जाए। उसकी रुचि तो विज्ञान विषय में थी, लेकिन उसके पापा कला क्षेत्र के समर्थक थे। या यों कहें कि अनकहा दबाव था। पूजा ने मनोविज्ञान को … Read more

बेटा बहू को एकांत में रहने दो – रश्मि प्रकाश  : Moral Stories in Hindi

“ बहुत दिन हो गए हम कहीं बाहर ना तो घुमने गए हैं ना किसी रेस्टोरेन्ट में जाकर बैठ कर खाए ही हैं… इस बार हम संडे को बाहर चलेंगे बस।” दीया ने रात के खाने के बाद फ़रमान जारी कर दिया. “ बेटा पापा को एक दिन तो आराम करने को मिलता है उसमें … Read more

स्वार्थ का चश्मा उतर गया – संगीता त्रिपाठी  : Moral Stories in Hindi

” इतनी देर क्यों कर दी रति,कब से सब लोग तेरा इंतजार कर रहे थे, कि तू आये फिर चाय पी जाये “, अनीता ने थोड़ा खींझ कर कहा। “अरे भाई संयुक्त परिवार में रहती हूँ तो देर होना स्वाभाविक है, अभी भी सब्जी लेकर आ रही हूँ , तुम लोगों के मजे हैं,एकल परिवार … Read more

अपराध बोध – शिव कुमारी शुक्ला  : Moral Stories in Hindi

भरोसी एवं मीना सेठ भगवान दास के यहाँ कार्य  करते थे । भरोसी पौधों  एवं लान की देखभाल करता मीना घरेलु कार्य करती। उनके दो बच्चे थे  गीता एवं आकाश। गीता तो बड़ी थी करीब  दस साल की सो मां के साथ काम करवाती किन्तु आकाश छोटा था करीब सात साल का सो बैठे-बैठे सबको … Read more

कच्चे धागे-एक पवित्र बंधन (भाग–2) – शशिकांत कुमार : Moral Stories in Hindi

बैकुंठी गांव में अपनी पुत्री को ले जाओ और गांव के बिलकुल सड़क के किनारे माता वैष्णो देवी का मंदिर हैं वहां ले जाकर अपनी पुत्री को माता के दरबार में माथा टीका देना और तुरंत वहां से लौट आना .. परंतु ध्यान रहे किसी भी ग्रामवासी कi नजर तुम सब पर न पड़े खास … Read more

कच्चे धागे-एक पवित्र बंधन (भाग–1) – शशिकांत कुमार : Moral Stories in Hindi

मम्मी मुझे भैया के पास ले चलो न वो मेरा इंतजार कर रहे है  मुझसे राखी बंधवाने के लिए… वैष्णवी 5 वर्ष की बिलकुल फुल जैसी छोटी बच्ची आज अपनी मम्मी के सामने सुबह से जिद करे जा रही थी की उसके लिए उसका भाई राखी बंधवाने के लिए इंतजार कर रहा है मुझे उसके … Read more

अपना घर अपना होता है – खुशी   : Moral Stories in Hindi

रीता एक महत्वकांक्षी  लडकी थी । उसे  से बचपन से ही लोगों के बडे  घर आकर्षित करते थे । उसे बचपन से ही अपने मामा के घर का बडा भाता था जब वो  छुटिटयो मे वहा जाती तो वहा से उसका आने का मन ही ना करता । अपने घर आते  ही उसका मन खराब … Read more

*अंगना का फूल* – बालेश्वर गुप्ता   : Moral Stories in Hindi

  जगरु चाचा आज बेहद खुश थे, उनके पावँ जमीन पर पड़ ही नही रहे थे।अपनी खुशी का इजहार हर किसी को कैसे करे,उन्हें समझ नही आ रहा था।बस हर जानने वाले को रोक लेते और बताने लगते कि उनका मुन्ना आ रहा है, सुना तुमने मुन्ना यही आ रहा है,अब वो मेरे पास ही रहेगा।कहते … Read more

ख़ानदान की इज़्ज़त – के कामेश्वरी   : Moral Stories in Hindi

सुप्रिया और स्वाति दोनों एक ही ऑफिस में नौकरी करती थी घर पास होने के कारण साथ में मिलकर ऑफिस जातीं थीं । उनका एक दूसरे के घर आना जाना भी लगा रहता था । सुप्रिया की बेटी मधु और स्वाति की बेटी सविता एक ही कक्षा में पढ़ती थी पर अलग अलग स्कूलों में … Read more

अपना घर तो अपना ही होता है – लक्ष्मी कानोडिया   : Moral Stories in Hindi

शिखा अपनी पांचो भाई बहनों में सबसे छोटी थी। पहले उसके दो बड़े भाई थे फिर वे तीन बहने थी।  शिखा अपने पांचो भाई बहनों में सबसे लाडली थी। शिखा का अपने भाई बहनों से उम्र में काफी अंतर था। इसलिए उसके सभी भाई बहनों की शादी पहले हो गई थी। शिखा के भाई बहन … Read more

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