सूरज से प्रकाशित रजनी – बालेश्वर गुप्ता : Moral Stories in Hindi

      राजो बेहद खुश थी।खुश भी क्यो न हो भला,आखिर उसे उसका प्यार मिल गया था।सूरज को चाहती थी और सूरज से ही उसका ब्याह जो हो गया था।ये बात दीगर है उसकी माँ ही अपनी पड़ौसन से कह रही थी,इस करमजली ने अपने भाग खुद फोड़ लिये हैं।       सम्पन्न वर्ग की रजनी जिसे सब राजो … Read more

बस अब और नहीं – संगीता त्रिपाठी : Moral Stories in Hindi

रह -रह कर बिजली चमक रही थी, सर्दी अचानक से बढ़ गई थी, सुप्रिया ने कस कर शाल अपने चारों तरफ लपेट लिया। बाहर जिंदगी अपनी पूरी रफ़्तार से दौड़ रही थी, बस सुप्रिया की ही जिंदगी ठहर गई। पूरी दुनिया वैलेंटाइन डे मना रही पर सुप्रिया किस बात का जश्न मनाये, तलाक के केस … Read more

किस्मत… – रश्मि झा मिश्रा : Moral Stories in Hindi

चॉकलेट का बड़ा डब्बा… हाथ में लेकर भागती रोहिणी… घर में बिखरे सामानों से टकरा गई…  डब्बा गिर गया… सारे बड़े-बड़े मंहगे चॉकलेट पूरे घर में इधर-उधर फैल गए…  माया ललचाई आंखों से खड़ी होकर यह सब देख रही थी…  रोहिणी यहां वहां से चुनकर सब वापस डब्बे में डाल चुकी… पर फिर भी कुछ … Read more

माँ नहीं हूँ तो क्या – विनय कुमार मिश्रा : Moral Stories in Hindi

“रिश्ता पक्का हो गया है, लड़का बहुत बड़ी कंपनी में इंजीनियर है” पापा ने खुशी खुशी मिठाई दादी के मुँह में खिलाते हुए कहा। दादी भी बहुत खुश हो गई थी। मुझसे दो साल बड़ी दीदी उठकर वहां से चली गई। वजह मैं जानता था।पर दीदी खुलकर ये बात मुझसे भी नहीं कहती।माँ बचपन में … Read more

मूवी का टिकट – लतिका श्रीवास्तव : Moral Stories in Hindi

कम्मो आज केवल मां पिताजी का ही डिनर बनाना उनसे पूछ लो उन्हें क्या खाना है वहीं बना दो हम लोग बाहर जा रहे हैं राजन ने मेड के आते ही बताया। जी साब कहती कम्मो मांजी के पास पहुंच गई थी। अम्मा बताए दो क्या बना दूं खाने में आप और बाबूजी के लाने..कम्मो … Read more

मुझे तो उलाहने सुनने ही हैं… फिर आपका भी नुकसान क्यों होने दूं .. – सविता गोयल : Moral Stories in Hindi

” देख, ये फल लाया है तेरा भाई… हम क्या ऐसे सड़े हुए फल खाएंगे!! और ये मिठाई ….. तुम्हारे मायके में ऐसी मिठाई खाते होंगे हमारे यहां तो नौकर चाकर भी ना खाएं ….. अरे औकात नहीं बेटी को देने की तो ले कर ही क्यों आते हैं ….. इस बार अपने भाई से … Read more

इतना गुमान ठीक नहीं – मंजू ओमर : Moral Stories in Hindi

कहते हैं न कि जीवन में सब दिन किसी का घमंड रहता नहीं है ‌‌ कभी न कभी टूटता ज़रूर है और जिसको सबसे ज्यादा बेइज्जत किया है उसी के सामने टूटता है ।                       ऐसे ही रमा गुमान में हर वक्त रहती थी घमंड से चूर। अपने आगे किसी को कुछ समझती ही न थी। … Read more

* बुजुर्गों का आशीष * – पुष्पा जोशी : Moral Stories in Hindi

   बसन्त और गौरी अपनी गृहस्थी में खुश थे। ज्यादा ऊंचे ख्वाब नहीं थे। सीधे सरल स्वभाव के खेती किसानी का काम  करते। गाँव मे सबके साथ मिलजुल कर रहते। सुख दुःख में उनके साथ रहते। दोनों बहुत मेहनती थे। जब तक माता पिता रहै दोनों ने उनकी बहुत सेवा की। दो बहिनें है, जिन्हें … Read more

एक हाथ से ताली नहीं बजती – रंजीता पाण्डेय : Moral Stories in Hindi

रितु और मीतू दो बहने थी | दोनो की एक ही घर में शादी हुई थी | रितु बहुत खुश रहती थी ,लेकिन मीतू बहुत दुखी  रहती थी |दोनो अपनी मम्मी से मिलने आई थी | मीतू ने बहुत सारी शिकायत अपने सास  की ,अपने मम्मी से  किया | और बोला मम्मी, सास हमको बिल्कुल … Read more

*करनी अपनो की* – बालेश्वर गुप्ता : Moral Stories in Hindi

     भैय्या, आप तो नौकरी में बाहर ही रहते हो,चाचा अब रहे नही,तो इस खेती बाड़ी को कौन देखेगा?       हां-हाँ ये बात तो है,कुछ सोचना तो पड़ेगा।        भैय्या, आप यदि इजाजत दे  तो आपकी जमीन को मैं बो और काट लूंगा।आपकी दोनो बेटियों की शादियों की जिम्मेदारी हमारी।आपके कारण हमारा भी काम चल जायेगा।           रविन्द्र को … Read more

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