चीनी घुली चाय – पूनम भटनागर : Moral Stories in Hindi

सोनल अपनी नई ड्रेस जो कि उसे सासू मां ने दी है , निकाल कर निहारे जा रही थी। तभी फोन घनघना उठा , उसकी छोटी बहन का था, उसने फोन उठा कर हेलो की ,कि छोटी बहन रेखा का रूदन सुनाई दिया, अरे रेखा क्या हुआ ,तू रो क्यों रही है, उसने बैचेनी से … Read more

आज की पीढ़ी – दिक्षा बागदरे : Moral Stories in Hindi

यह कहानी है निरवी की। निरवी एक आम गृहिणी है। सभी गृहिणियों की तरह वह भी सुबह से लेकर रात तक अपने घर के सारे कामों को करने में व्यस्त रहती है।  सास-ससुर, पति, बच्चों किसको कब क्या चाहिए ? किसको कब लाना है, कब छोड़ना है ? बाजार के काम निपटाना आदि सभी दैनिक … Read more

मेरा तो पहला बच्चा है ना – शुभ्रा बैनर्जी : Moral Stories in Hindi

श्यामा के परिवार में दो बेटे और दो बेटियां थीं।पति बहुत पहले एक चाय का ठेला लगाते थे।बड़ा बेटा आलूबंडा,समोसा,जलेबी बनाया करता था।आफिस मुख्यालय के सामने सुबह छह बजे से ठेला ग्राहकों के लिए उपलब्ध रहता था।पास ही में अस्पताल था,सो मरीजों के रिश्तेदारों के लिए यह ठेला किसी रेस्टोरेंट से कम न था।श्यामा दो … Read more

*गंगा स्नान* – बालेश्वर गुप्ता : Moral Stories in Hindi

जुहार बड़े सरकार।  अरे,गिरधर बड़ा आदमी हो गया है,अब तेरा इधर आना ही नही होता।अब भी बुलाने पर ही आया है।      सरकार, आप तो जाने है,मुन्ना शहर में नौकरी करने लगा है,उसके पास भी जाना लगा रहता है,और यहां भी सरकार आप की मेहरबानी से मिले जमीन के टुकड़े में बुआई,निडाई में लगना पड़ता है, … Read more

नाराज़ – शनाया अहम : Moral Stories in Hindi

गायत्री तुम शांत होने की बात कर रही हो, तुम ही बताओ कैसे शांत रहूं।  जिस बेटे के लिये मैंने दिन रात मेहनत की , पढ़ाया लिखाया , इस क़ाबिल बनाया,अपने सपनों को अपने बेटे के सपनों की बलि चढ़ा दिया, आज वो ही बेटा मुझसे एक लड़की की खातिर ज़बान लड़ा कर गया है।  … Read more

मुझे सास के ताने सुनाई नहीं देते । – सविता गोयल : Moral Stories in Hindi

 अनुपमा जी रसोई में सुबह का नाश्ता बना रही थीं। बेटे को आफिस जाना था इसलिए पहले बेटे का नाश्ता लगा दिया। इन दिनों लंच वो कैंटीन में ही कर लेता था इसलिए टिफिन बनाने का झंझट नहीं था लेकिन बहू के लिए अलग से नाश्ता बनाना पड़ता था क्योंकि वो जापे में थी। अनुपमा … Read more

हां मैने ससुरजी को गोद लिया है। – संगीता अग्रवाल : Moral Stories in Hindi

“बेटा बहुत वक़्त हो गया तुझे यहां आए हुए कुछ दिन के लिए आजा!” सावित्री जी अपनी बेटी पायल से फोन पर बोली। ” पर मां मैं कैसे यहां के हालात तो तुम जानती हो पापाजी की हालत ऐसी नहीं कि उन्हें अकेले छोड़ा जाए!” पायल ने अपनी मजबूरी बताई। ” बेटा पूरा एक साल … Read more

क्या कहें हमारे तो कर्म ही फूट गए जो ऐसी संतान को जन्म दी – हेमलता गुप्ता : Moral Stories in Hindi

आपने कोई अहसान नहीं किया हमारे ऊपर, हमें इतने ऊंचे ऊंचे पदों पर पहुंचा कर, कौन मां-बाप नहीं करते.. सभी करते हैं और आप देखना.. हम अपने बच्चों के लिए आपसे ज्यादा करेंगे, हमने अपने बच्चों को कभी भी किसी चीज की कोई कमी नहीं होने दी, हर सुविधा दी है उनके कहने से पहले … Read more

नाराज़गी भरी सीख – निशा जैन : Moral Stories in Hindi

मम्मी ,मम्मी थोड़ी देर के लिए आपका फोन देना …..  क्यों क्या काम है? और ये पढ़ते पढ़ते तुझे फोन की याद क्यों आ जाती है? तूने तो बोला 1 घंटे से पहले मैं कमरे के बाहर नही आऊंगी और अभी तो आधा घंटा भी नही हुआ कनक की मां रुचि बोली   अरे मम्मी कल … Read more

बच्चे को मत डांटो, इसमें गलती बहू की है…- सिन्नी पाण्डेय : Moral Stories in Hindi

मयूरी अपने 7 साल के बेटे अमय को खाना खिलाने बैठती तो उसके हाथ में मोबाइल फोन ज़रूर पकड़ा देती थी। इस चक्कर में अमय एक जगह बैठकर खाना खा लेता वरना तो मयूरी को पूरे घर के चक्कर लगाने पड़ते तब भी उसको पूरा खाना न खिला पाती थी। जब भी मयूरी की सास … Read more

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