” गलती” – संगीता अग्रवाल : Moral Stories in Hindi S

” क्या हुआ निशु इतना उदास क्यो हो ?” हेमंत घर मे आते ही पत्नी से पूछने लगा। “हेमंत पापा ने तुम्हारे साथ इतनी बतमीजी से बात की अपनी बेटी के पति से ..ये मुझे बिल्कुल अच्छा नही लगा !” निशु हेमंत को देख रोते रोते बोली। ” अरे तो इसमे इतना रोने वाली क्या … Read more

गलती किसकी!! – लतिका श्रीवास्तव : Moral Stories in Hindi S

मनन ये तूने क्या किया मेरे सारे किए कराए पर पानी क्यों फेर  दिया.. घर में प्रवेश करते राजन के स्वर में दुख भी थी और चिंता भी । …क्या हो गया ऐसा क्या कर दिया मेरे बेटे ने रश्मि ने जल्दी पानी का गिलास पकड़ाते हुए पूछा। अपने लाडले से ही पूछ लो ना।अरे … Read more

पश्चाताप के ऑसू – बीना शुक्ला अवस्थी : Moral Stories in Hindi

सरला आज बेहद परेशान थी। अपने ही कोख जाये के कृत्य से वह शर्म से गड़ी जा रही थी। उसे लगा कि उसके अपने ही बेटे ने उसे वस्त्रहीन कर दिया है। जगदीश के पिता कामता प्रसाद रामपुर गॉव में पोस्ट मास्टर थे। अजय और जगदीश का बचपन साथ ही बीता था। कक्षा आठ तक … Read more

काश,,? मेरे जैसी सास सबको मिले – मंजू ओमर : Moral Stories in Hindi

और मनीषा कैसी हो ,बस ठीक हूं आंटी । क्या बात है मनीषा अब बिल्कुल दिखाई नहीं देती है , हां आंटी जबसे मम्मी गई है किसी से मिलने जुलने का मन ही नहीं करता है। हां वो तो है बेटा तुम्हारी मम्मी का जाना तो हम लोगों को भी बहुत खलता है ।हम लोग … Read more

काश ऐसे समझने वाली सास हर घर में हो – के कामेश्वरी : Moral Stories in Hindi

सरिता की शादी को हुए दो महीने ही हुए थे । जैसे ही उसने ससुराल में कदम रखा था कि सास निर्मला ने उसे अपनी बाँहें फैलाकर घर में स्वागत किया था । करोना के कारण बेटा प्रकाश वर्कफ्रम होम होने से माता-पिता के पास आकर रहने लगा था । उसी समय का उपयोग करते … Read more

“ हां… मुझे कोई शिकायत नहीं है” – हेमलता गुप्ता : Moral Stories in Hindi

देखो उमेश..मुझसे नहीं होगा, मैंने बहुत बर्दाश्त किया है आज तक किंतु अब भी तुम चाहते हो मैं तुम्हारी मां की सेवा करने के लिए उनके पास चली जाऊं या उन्हें यहां बुला लूं तो यह मुझसे नहीं होगा, तुम उनके बेटे हो इसलिए तुम मेरे साथ हुए सारे अत्याचार भूल सकते हो किंतु मैं … Read more

अतीत को भूल वर्तमान अपनाये – संगीता अग्रवाल : Moral Stories in Hindi

” दिशा क्या बात है उदास क्यो है इतनी ?”  रेणुका ने ऑफिस मे अपनी दोस्त और सहकर्मी से पूछा। ” बस यार ऐसे ही !” दिशा ने टालना चाहा। ” नही दिशा कोई बात तो है अभी तेरी शादी छह महीने हुए है बस पर ना चेहरे पर नई शादी की उमंग ना कोई … Read more

पछतावे के आसू – खुशी : Moral Stories in Hindi A

रती और निधि दोनों देवरानी जेठानी थी।रती एक बातूनी और मिलनसार औरत थीं जो किसी का भी काम करती थी और सबकी चहेती थी। सास ससुर सबके लबों पर सिर्फ रती रती ही रहता। निधि कम बोलती अपने काम से मतलब रखती।उसे बड़ा बुरा लगता सब रती रती करते तो उसके पति अनिल भी कहते … Read more

खूबसूरत पछतावा – संध्या त्रिपाठी : Moral Stories in Hindi A

 देखो भाग्यवान …..अब तुम्हारी तबीयत ठीक नहीं रहती , निर्जला व्रत रखने की आवश्यकता नहीं है , कुछ फलाहारी वगैरह ले लेना  । मैं तो कहता हूं अब व्रत रखना ही बंद  कर दो  । मुंगेरीलाल ने पत्नी विधि से कहा।        अच्छा , तो अब तुम मुझसे वो अधिकार भी छिनना चाहते हो , जो … Read more

साथ निभाऊंगा प्रिया – ऋतु गुप्ता : Moral Stories in Hindi A

तुम अब ज्यादा दुखी मत  हुआ करो प्रिया, मां को तो कुछ ना कुछ कहने की आदत है ही, तुम्हारी अब वह हालत नहीं की ज्यादा सोचो। प्रवीण ने प्रिया को संभालते हुए कहा तो प्रिया जो अभी तक अपनी मोटी मोटी आंखों में बड़े बड़े आंसुओं को रोक रही थी ,प्रवीण की इन बातों … Read more

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