सुख और दुख – अयोध्याप्रसाद उपाध्याय : Moral Stories in Hindi

कमली अपनी बेटी जमुनी को जीवन जीने का तरीका बता रही थी —-” तुम सुबह सुबह सो कर जाग जाओ। परमात्मा का स्मरण करो। फिर दिनचर्या से निवृत्त होकर अपने काम में लग जाओ। पढ़ने जाना है तो स्कूल या फिर कालेज जाओ। नौकरी है तो फिर नौकरी के लिए जाओ। लेकिन घर से बाहर … Read more

सुख दुख का संगम – वीणा सिंह : Moral Stories in Hindi

 पांच साल का पहाड़ सा वक्त हमने अंशुल को देखे बिना कैसे बिताया.. ये हम पति पत्नी का दिल हीं जानता है..            हमारा इकलौता बेटा.. हमारी जिंदगी का केंद्रबिंदु…अंशुल के पापा प्रतिष्ठित कंपनी के सीईओ से सेवानिवृत हुए हैं चार साल पहले… कट्टर ब्राम्हण परिवार से ताल्लुक रखते हैं हम…जनेऊ धारण करने वाले अंशुल के … Read more

मायके में आपके रिश्ते बने होते हैं पर ससुराल में बनाने पड़ते हैं – के कामेश्वरी : Moral Stories in Hindi

सौरभ रिचा के साथ कॉफी पीने आया था । कॉफी पीना तो एक बहाना ही है वह रिचा के प्रश्नों का जवाब देने वाला था । उसने गहरी साँस ली और कहा रिचा मैं तुमसे शादी करूँ तो कैसे करूँ ? तुम मेरी माँ की ज़ुबान को नहीं जानती हो वह इतनी तीखी है कि … Read more

मैं तेरे सदके – *पूनम भटनागर : Moral Stories in Hindi

  पीहू और निमू दोनों बहनें हैं। दोनों का नाम असल में पीषिमा और निमिषा है पर दोनों पीहू और नीमू नाम से ही जानी जाती हैं। दोनों दो बदन एक जान बन कर रहतीं। दोनों में एक साल का अंतर था। इसलिए दोनों बहनें तो थी ही पर सहेलियां भी बहुत पक्की थी। दोनों राजेन्द्र … Read more

अभागी माँ – अर्चना सिंह : Moral Stories in Hindi

पल्लवी जी अपने पति प्रकाश जी के साथ डॉक्टर के केबिन में बैठी डॉक्टर के मुँह से रिपोर्ट सुनने के लिए व्याकुल थीं । डॉक्टर के चेहरे पर असमंजस और परेशानी के भाव देखते हुए पल्लवी जी ने पूछ ही लिया,…”सब ठीक तो है न डॉक्टर साहब ? डॉक्टर ने पानी पीते हुए कहा…”आपकी रिपोर्ट … Read more

मायके में रिश्ते बने होते हैं -ससुराल में रिश्ते बनाने पड़ते हैं! – कुमुद मोहन : Moral Stories in Hindi

” बेटा!उठ जाओ 8बज रहे हैं ,देर तक सोना सेहत के लिए अच्छा नहीं,जल्दी से उठ जा मेरा बच्चा! “सीमा जी ने बडे प्यार से अपनी बेटी सना को जगाते हुए पुकारा! ऊं हूं मम्मी !8ही तो बजे हैं आज काॅलेज की छुट्टी है,आज तो सोने दो? “बेटा देखो तुम्हारी भाभी भी तो अभी नई … Read more

ठेले वाले के बर्गर – नेकराम : Moral Stories in Hindi

हर मोहल्ले में कोई ना कोई एक व्यक्ति ऐसा जरूर होता है जो हमेशा फोकट का खाना चाहता है कहने का अर्थ है उसे फ्री का सामान चाहिए हमारे ही मोहल्ले की बात है नाम तो उसका शंकरलाल था लेकिन लोग उसे पेटू के नाम से पुकारा करते थे पेट फूल कर उसका गुब्बारा हो … Read more

तारणहार – बालेश्वर गुप्ता : Moral Stories in Hindi

नहीं पापा नहीं, मैं सपने में भी ऐसा नही सोच सकती।पापा, राजीव अब भी मुझमें जीवित हैं, मैं उसका वजूद अपने दिल दिमाग शरीर मे हरदम महसूस करती हूं।       बेटी,देख तीन वर्ष हो गये, राजीव के जीवित रहने की कोई आशा नहीं।तुम्हारे सामने पूरा जीवन पड़ा है,बेटी मैंने इसीलिये कहा तुम दूसरी शादी कर लो।जहां … Read more

“आखिरी ख्वाहिश” – मनीषा सिह : Moral Stories in Hindi

 “दो बच्चे और पत्नी धनिया” को सोता छोड़ एक रात हीरा गांव छोड़कर  कहीं चला गया। सुबह जब धनिया सो कर उठी, तो पति को न पाकर उसे ढूंढते खेत चली गई । सबसे पूछा पर हीरा को किसी ने नहीं देखा । मुंह लटका कर धनिया घर लौट आई सुबह से शाम हो गई … Read more

नारी का पुरुषार्थ – बालेश्वर गुप्ता : Moral Stories in Hindi

   रवि,क्या मेरी एक बात मान लोगे?        बोलो ना,सुमन तुम जो कहोगी मैं करूँगा।        देखो मैंने ये प्राइवेट रूप में इंटर करने के लिये फॉर्म मंगवाया है, इसे भर कर भेजना है।सब पुस्तके मैं मंगवा दूंगी, पर पढ़ना तो पड़ेगा।बाद में एग्जाम होंगे।देखना तुम निश्चित रूप से सफल होंगे।फिर मैं हूँ ना।       क्या तुम चाहती हो … Read more

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