Top Ten Shorts Story in Hindi – हिन्दी लघुकथा

आईना – लतिका श्रीवास्तव  …सुन बहुरिया अपनी सास की इतनी खिदमत ना कर वर्ना दस दिनों में जाने की जगह यहीं ठौर बना लेंगी तो तू कर चुकी अपनी नौकरी …सहेली सविता की सास ने गरम फुल्के ले जाती नेहा से फुसफुसा कर कहा। आंटी..  आप चिंता ना करिए जैसे मेरी सहेली आपके साथ अपनी … Read more

बेटा है नही था – संगीता अग्रवाल : Moral Stories in Hindi

विवेक अपने पिता का पहला श्राद्ध बहुत धूमधाम से कर रहा था । सभी नाते रिश्तेदारों को बुलाया था पिता की पसंद के भोजन से घर आंगन महक रहा था । पंडितों की पूरी जमात अपने आसन पर पधार चुकी थी । विभिन्न किस्म के पकवान उन्हे परोसे जा रहे थे और विवेक अपनी पत्नी … Read more

अपना घर – मंजू ओमर : Moral Stories in Hindi

 आज मोहन जी जब सुबह सोकर उठे तो अपने आप को बहुत तरोताजा महसूस कर रहे थे। उठकर दैनिक क्रिया से निवृत्त होकर घर के बाहर टपरे पर चाय पीने निकल गए ।चाय का कप हाथ में लेकर चाय पीते पीते चाय वाले से बात भी करने लगे ।अरे राजू तू कब से दुकान पर … Read more

स्वार्थ की भाषा – रोनिता कुंडु : Moral Stories in Hindi

नीरज..! श्वेता की शादी की तारीख तय हो गई है… 3 दिसंबर..! तुम लोग समय पर सारी तैयारी कर लेना… क्योंकि अगले दो महीने तो बस त्योहारों में ही निकल जाएंगे… इसलिए कनक को पहले ही भेज देना… श्वेता की सारी खरीदारी वह साथ कर लेगी… विमला जी ने फोन पर अपने बेटे नीरज से … Read more

बुआजी की सीख – शिव कुमारी शुक्ला : Moral Stories in Hindi

 ध्रुवी की शादी को अभी महिनाभर ही हुआ था। वह ससुराल में सबको जानने समझने की कोशिश कर रही थी। किन्तु कैसे समझे किसे किसे समझे इत‌ना बडा परिवार था इतने लोग उसे लगता जैसे कहीं भीड़ में खड़ी हो। वह एकल परिवार से आई थी जिसमें उसके मम्मी-पापा, और एक छोटा भाई और यह … Read more

रिश्तो का मेकअप – संगीता त्रिपाठी : Moral Stories in Hindi

बहुत दिनों से संध्या के दिल और दिमाग में एक लड़ाई चल रही थी.. अजय को छोड़ती है तो बच्चों का क्या होगा? कैसे अकेले परवरिश कर पायेगी? कैसे समाज में अपने को सुरक्षित रख पायेगी? कई प्रश्नों के जाल में उलझी संध्या को चैन नहीं मिल रहा। करवटे बदलते रात गुजरी। सुबह फिर काम … Read more

अच्छा है तुम मायके ही चली जाओ – रश्मि प्रकाश : Moral Stories in Hindi

सुनंदा जी बहुत दिनों से देख रही थी बेटा बहू हर बात पर तकरार करने लगे हैं… ढाई साल ही तो हुए हैं शादी के उपर से तीन महीने की दीया के साथ राशि एकदम परेशान हो जा रही है और निकुंज बात बात पर राशि पर भड़कने लगा है… कितनी बार राशि ने कहा … Read more

लौट आओ ना मां – हेमलता गुप्ता : Moral Stories in Hindi

नहीं नहीं.. यह नहीं हो सकता, किसी भी हालत में नहीं हो सकता, ऐसे कैसे कोई चला जाएगा, परसों ही तो मेरी बात हुई है, पगलाइ सी शिप्रा को पति रोहित ने दिलासा देते हुए कहा… देखो शिप्रा अपने आप को संभालो यह वक्त हिम्मत हारने का नहीं है, शांत हो जाओ! अरे कैसे शांत … Read more

मैं और मेरा रिटायरमेंट – नरेश वर्मा : Moral Stories in Hindi

 नौकरी से सेवानिवृत्त होने के पश्चात संयोग से यदि आप बेटा-बहु के साथ रह रहे हैं तो कुछ ड्यूटियाँ आप पर स्वतः थोप दी जाती हैं ।इनमें मुख्य हैं बच्चे को स्कूल की बस तक छोड़ने और लेने जाना और दूसरी मोहल्ले के सब्ज़ी वाले से साग-भांजी ख़रीदना ।इन ड्यूटियों को करने या न करने … Read more

सुख दुःख का संगम “। – उमा वर्मा : Moral Stories in Hindi

आज छोटे बेटे का गृहप्रवेश है ।खूब जोर शोर से तैयारी चल रही है ।मै भी बहुत उत्साहित हूं ।दोनों बेटों ने अपनी अपनी राहें चुन ली है ।बड़ा अमर मैनेजमेंट की पढ़ाई करके अपना बिजनेस संभाल रहा है ।छोटा अमित इंजीनियरिंग की पढ़ाई करके पूना में नौकरी कर रहा है ।एक मल्टी नेशनल कंपनी … Read more

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