धोखा- श्वेता अग्रवाल  : Moral Stories in Hindi

“कमला, तुम जरा इन सब डोंगों को बाहर डाइनिंग टेबल पर रखो। मैं सबको बुलाकर लाती हूॅं। कमरे में घुसकर गप्पे लड़ा रहे होंगे।” यह कहकर राधा किचन से निकलकर जल्दी-जल्दी कमरे की ओर बढ़ने लगी। एक -एक करके उसने घर के सारे कमरे देख लिए लेकिन, उनका कोई अता-पता नहीं था। कहीं छत पर … Read more

जीवन का सच – संगीता त्रिपाठी  : Moral Stories in Hindi

 हर माँ की तरह माला को भी अपने बच्चों पर बहुत गर्व था। प्रभात जी से झगड़ा होने पर अक्सर इतरा कर बोलती, “मेरे बच्चे अपने पैरों पर खड़े हो जायेंगे तो मैं उनके साथ रहूंगी आपके साथ नहीं “ प्रभात जी बोलते,”देखता हूँ तुम्हारे बच्चे कितना करते है “   सुनते ही माला गर्व से … Read more

ये जीवन है… – लतिका श्रीवास्तव  : Moral Stories in Hindi

मम्मी जी बहुत हुआ …अब आपके इतने कठिन काम करने के दिन गए …चलिए हम लोगों के साथ रहिए अब आराम से नाती पोतों का सुख लीजिए…. पारस की चहकती हुई आवाज से सुधा चौंक गई।गहराती शाम में वह अपनी बुटीक शॉप के शटर गिरा रही थी तभी पीछे से अपने दामाद की आवाज सुन … Read more

“सासूजी मैंने मान लिया कि बहू कभी बेटी नहीं बन सकती” – सिनी पांडे : Moral Stories in Hindi

मुस्कान अपने माता पिता की सबसे छोटी बेटी थी।देखने मे सुंदर,गोरा रंग,शर्मीला स्वभाव,संस्कारी आचरण-उसके व्यक्तित्व को आकर्षक बनाते थे। मुसकान का संयुक्त परिवार था।उसके पिता का बड़ा व्यवसाय था तो उसके लालन पालन में कोई कमी नही रखी गयी थी। घर में सबकी लाडली थी वो। अपने दादी बाबा की चहेती,माँ की जान,चाचा चाची की … Read more

मासी नहीं मम्मा… – रश्मि झा मिश्रा : Moral Stories in Hindi

…”कुहू… ना मेरी गुड़िया… वहां मत जा…!” ” मम्मा जाना…!” ” नहीं बेटा… अभी नहीं…!” ” नहीं… मम्मा जाना…!”  कुहू एक ही रट लगाए बैठी थी…  पर मम्मा जाने के लिए… मां को होना भी तो चाहिए…  सुमन ने खींचकर उसे सीने से लगा लिया… ” मैं हूं ना बेटा… मासी… मैं ही तेरी मम्मा … Read more

कद्र – अर्चना सिंह : Moral Stories in Hindi

अपना जीवन मैंने हमेशा दूसरों के लिए जिया है । स्वभाव अच्छा होते हुए भी न जाने मुझे शायद हर वक़्त अच्छा सुनने की आदत  या यूँ कहें लत लग गयी थी । नाती – नातिन, पोते – पोतियों से भरा घर, बेटी- बहुएँ, जेठानी – देवरानी । कहने को घर में अथाह लोग लेकिन मेरा … Read more

प्यारा बचपन – विभा गुप्ता : Moral Stories in Hindi

    आज पढ़ाते- पढ़ाते अचानक जोवैन(मेरी छात्रा) ने मुझे एक्सक्यूज़ मी मैम कहा और दूसरे कमरे में चली गई।वापस आई तो मुझे आँखें बंद करने को कहा और फिर “ओपेन मैम” कहकर मेज़ पर एक बड़ी-सी डाॅल रखकर बोली,” Mam..see, my uncle gifted me.” फिर वह उस डाॅल की खूबियाँ बताने लगी और तब मुझे मेरा … Read more

कमाई – पुष्पा कुमारी “पुष्प” : Moral Stories in Hindi

“आज भी रसोई में कोई सब्जी नहीं बनी है क्या?” अपने सामने रखी भोजन की थाली में केवल दाल रोटी देखकर राजेश ने अपनी पत्नी रश्मि से पूछ लिया। रश्मि अभी कुछ कहती उससे पहले ही राजेश की मांँ सुनैना बोल पड़ी.. “बेटा मैंने कितनी बार तुमसे कहा है कि,.चार लोगों का परिवार एक अकेले … Read more

प्यार दिमाग से नहीं दिल से होता है… – संगीता त्रिपाठी : Moral Stories in Hindi

नीला शलभ की सहपाठी थी, दोनों में प्यार हुआ और माँ -बाप की इच्छा के विरुद्ध जा शलभ ने नीला से शादी कर ली। शलभ की इस हरकत से उसके पिता दिवान साहब को बहुत आघात लगा। समाज में उनका रुतबा था, शहर के नामी -गिरामी लोगों में से एक थे दीवान साहब। शलभ उनका … Read more

तुलना प्रेम में कड़वाहट डाल देती है – सविता गोयल : Moral Stories in Hindi

आज सास- बहू अपने घर की होने वाली नई बहू ऋतु के लिए गहने खरीदने गई थीं। ” बहू,जरा देखो तो ये हार नितिन की दुल्हन के लिए कैसा रहेगा ? ,, सुमित्रा जी ने अपनी बड़ी बहू निधि को दिखाते हुए कहा। ” बहुत सुंदर है मां जी, लेकिन इसके साथ के झुमके छोटे … Read more

error: Content is protected !!