जिम्मेदारियां कभी खत्म नहीं होंगी – रंजीता पाण्डेय : Moral Stories in Hindi

मैं बाजार जा रही थी. बाजार में मेरी दोस्त प्रतिमा मिली. बहुत सालो बाद. कैसी हो? ठीक हूं! तुम बताओ?  मैं भी ठीक हूं डियर, बस बच्चों का कुछ सामान लेने आई थी, चलो साथ में बैठते है, मैने उसे बोला. आज नहीं किसी और दिन, आज मुझे बहुत काम है. प्रतिमा की मनुहार सुन … Read more

चहेती भाभी’ – आराधना सेन : Moral Stories in Hindi

मन्दिर मे पूजा आरम्भ होने वाली हैं,  सभी औरते बैठी हैं किसी के घर की बहू तो किसी की बेटी सभी अपने गपशप मे मशगूल,बच्चे खेल रहे हैं लडकिया सेल्फ़ी लेने मे व्यस्त, यह चार दिन सभी काफी मजे मे कटाते हैं सभी औरते मन्दिर मे सुबह शाम अपना समय बिताती हैं माँ की आराधना … Read more

पटरी वाली शॉपिंग – सविता गोयल : Moral Stories in Hindi

” बहू तुम अभी तक तैयार नहीं हुई!! जल्दी करो, बाजार में बहुत भीड़ रहती है इस समय। बहुत सी खरीदारी करनी है आज – दीये, गणेश लक्ष्मी की मूर्तियां, कपड़े,सजावट का सामान….” ” हां मम्मी जी… लेकिन आजकल बेकार में इतना घूमने की क्या जरूरत है? सबकुछ तो आनलाइन मिल जाता है आजकल.. नहीं … Read more

बेटा ऐसे तोहफ़े मँगवाना अच्छा नहीं है – रश्मि प्रकाश : Moral Stories in Hindi

दरवाज़े की घंटी बजते राशि ने जैसे ही दरवाजा खोला…“ मैम मिस राशि के नाम का कुरिअर है।” डिलीवरी बॉय ने राशि से ही कहा ” हाँ दीजिए ।” मुस्कुराते हुए राशि ने कहा और पैकेट लेकर दरवाज़ा बंद कर दिया “ ये फिर तूने क्या मँगवाया है बेटा?” सुमिता जी ने राशि से पूछा … Read more

खोल दो पंखो को – संगीता त्रिपाठी : Moral Stories in Hindi

कुछ दिनों से रोहित देख रहे थे मीता अक्सर खोई -खोई सी एकटक सामने देखती रहती, उसका वजन भी कम हो रहा था, उसके चेहरे की खूबसूरती बढ़ाने वाली सदाबहार मुस्कुराहट की जगह एक खामोशी फैली हुई है, किसी काम में उसका मन नहीं लगता, कभी सब्जी जल जाती तो कभी दूध उफन कर गिर … Read more

दुनिया के सबसे कठिन काम – नेकराम : Moral Stories in Hindi

पत्नी ने खाना परोसते हुए कहा आखिर ऐसे कब तक चलेगा अपनी बेटी प्रियंका एक वर्ष की हो चुकी है और तुम्हें अभी तक कोई नौकरी नहीं मिली ,, मैं कितना खींचतान करके घर चला रही हूं मायके से भी अब मदद मिलनी बंद हो चुकी है आज के जमाने में परिवार चलाने के लिए … Read more

जिम्मेदारीकभी खत्म नहीं होती – खुशी : Moral Stories in Hindi

रीना जी काम काजी महिला थी स्कूलमे पढ़ना फिर घर आकर ट्यूशन पढ़ाने बैठ जाना । उनके पति का काम ऐसा ही था चला चला ना चला वो गुस्से के भी  तेज थे  जब देखो रीना जी की बेजती करते । उनके दो बेटे थे जो अपनी मां को मेहनत करते देखते इसलिए लगन से … Read more

दरार – गीता वाधवानी : Moral Stories in Hindi

 सब अड़ोसी पड़ोसी और रिश्तेदार यही सोच रहे थे कि यह भी कोई उम्र है जाने की। वह भी इतने बुरे तरीके से, मासूम से बच्चे को छोड़कर। भगवान इसके साथ ऐसा क्यों हुआ, ऐसा किसी के साथ ना हो। आरती का पार्थिव शरीर आंगन में पड़ा था। 5 साल के बच्चे पार्थ को स्कूल … Read more

रिश्तों मे बढ़ती दूरियां – रंजीता पाण्डेय : Moral Stories in Hindi

मेरी शादी को १० साल हो गए थे  | हर साल कोई भी तीज त्यौहार हो मायके से मेरे लिए सब कुछ आता था |कई बार मैं फोन करके अपने भाई भाभी या मां को बोल देती कि, आपने जो साड़ी भेजा उसका रंग मुझे अच्छा नही लगा | या आपने मेरे पसंद की मिठाई … Read more

Top Ten Shorts Story in Hindi – हिन्दी लघुकथा

श्राद्ध- श्वेता अग्रवाल शशांक ने पिता के श्राद्ध का भव्य आयोजन किया था। ब्राह्मण भोजन करके तृप्त हो रहे थे। वहीं, कमरे में उसकी बूढ़ी माॅं भूख से तड़प रही थीं। ब्राह्मण-भोज के बाद बहू ने उन्हें सूखी रोटी और नमक पकड़ा दिया।   “थोड़ी सी प्रसाद वाली सब्जी दे दो, सूखी रोटी नहीं खाई जाती,बहू।” … Read more

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