अहमियत रिश्तों की (भाग-10) – मीनाक्षी सिंह : Moral stories in hindi

अब आगे… सुबह का समय था … प्रथम सो रहा था … निहारिका रोते हुए  प्रथम के कमरे में आती है … और अंदर से दरवाजा बंद कर लेती है… प्रथम घबराकर उठ जाता है… निहारिका प्रथम के सीने से लग जाती है … प्रथम झटककर निहारिका को खुद से अलग  करता है … निहारिका  … Read more

अहमियत रिश्तों की (भाग-9) – मीनाक्षी सिंह : Moral stories in hindi

अब आगे… निहारिका का फोन प्रथम  के पास आता  है … देवेश निहारिका को मार  रहा है… यह सुन प्रथम जल्दी ही अपने कमरे से बाहर निकल आता है… रात के 1:00 बज रहे थे… प्रथम समझ नहीं पा रहा था.. मैं क्या कर रहा हूं …?? क्यूँ कर रहा हूँ..?? कुछ भी हो.. बस … Read more

अहमियत रिश्तों की (भाग-8) – मीनाक्षी सिंह : Moral stories in hindi

अब आगे… कविता अपने बाबा दीनानाथ जी का हाथ पकड़ अंदर वाले कमरे में आ गई… ऐसी का बात है गई लाली… तू  मोये  अंदर लेकर आई हैं … मेरा मन घबराए रहो है… बता तो सही… वो ना  बाऊजी प्रथम ,,जो लड़का है…ज़िसे भाभी ने देखा था मेरे साथ… मैं उसे पसंद करती हूं … Read more

अहमियत रिश्तों की (भाग-7) – मीनाक्षी सिंह : Moral stories in hindi

अब आगे… प्रथम अपने बेड पर सोने के लिए जा ही रहा था… कि तभी वह बालकनी से क्या देखता है… कि नीचे निहारिका जमीन पर कुछ खोज रही है … उसे देखकर प्रथम चुपचाप नीचे बैठ जाता है … और निहारिका को गौर से देखता  है… वह क्या देखता  है कि निहारिका अपने सर … Read more

अहमियत रिश्तों की (भाग-6) – मीनाक्षी सिंह : Moral stories in hindi

अब आगे… पीजी में पुलिस की रेड   पड़ी है …. यह सुनकर प्रथम बाऊजी से बात पूरी किए बिना ही अपना सारा सामान समेट बाहर आ गया था… सभी लड़कों को भागता देख  उसने भागने का बहुत प्रयास किया… लेकिन फिर भी  वह पकड़ा गया… पुलिस ने उसे  पकड़ लिया था… सभी लोगों को … Read more

अहमियत रिश्तों की (भाग-5) – मीनाक्षी सिंह : Moral stories in hindi

अब आगे … जैसे ही प्रथम  बाहर प्लेटफार्म  पर आया…. उसके भईया  पिंटू और वह उतरे ही थे … कि तभी सामने से एक आदमी ,एक लड़की आए… लड़की बोली… हेलो प्रथम जी…. मैं निहारिका… प्रथम एक पल को तो आश्चर्य में रह गया… कौन निहारिका…?? उसके मन में एकदम से  सवाल कौंधा …. शायद … Read more

अहमियत रिश्तों की (भाग-4) – मीनाक्षी सिंह : Moral stories in hindi

अब आगे… घर में सभी की आंखें नम देखकर दीनानाथ जी बोले…. ए रे  लला…. मुझे कुछ ठीक ना लग रहा … तू यहां से पढ़ाई काहे   ना कर रहो …? कहीं दूर काहे जाये  रहो  है…?? पूरा घर सुनो है जाएगो…. क्या  बाऊजी जाते-जाते क्यों छोटे को  इमोशनल कर रहे हैं…. दिल मजबूत … Read more

अहमियत रिश्तों की (भाग-3) – मीनाक्षी सिंह : Moral stories in hindi

अब आगे … कविता बाऊजी के कमरे में आई है … बाऊजी आप भईया  को पढ़ने क्यों नहीं भेज देते…. तू भी अपने भाइयों की तरह  अलग ही बोल रही छोरी…. तू तो नेक समझदारी से काम ले … दीनानाथजी  सख्त लहजे में बोले… बाऊजी जरा मेरी बात ठंडे दिमाग से सुनो… कविता ने दीनानाथ … Read more

अहमियत रिश्तों की (भाग-2) – मीनाक्षी सिंह : Moral stories in hindi

बाऊजी.. सुनियो… धीरे से, पीछे से धक्का देते हुए मंझले  बेटे मिंटू ने पिंटू भाई साहब को आगे की ओर किया …. क्या कर रहा हैं… आगे गिरायेगा क्या बाऊ जी के उपर मुझे… भाई साहब … आप ही बड़े हैं … आप ही पहल कीजिए … पीछे से रिंकु के फुस्फुसाने  की आवाज आई … Read more

अहमियत रिश्तों की (भाग-1) – मीनाक्षी सिंह : Moral stories in hindi

कहां मर गए सबके सब….?? ओ रे.. पिंटू  मिंटू रिंकु… कोई ना दिख  रहा… आज दशहरा है… ये  ना बच्चों को ले जाएके दशहरा को  मेला दिखाए  लाये…. खुद से ही बड़बड़ाते हुए दीनानाथजी बरामदे में चकरघिन्नी से घूम रहे थे…. ए जी… क्या हुआ ….?? काहे बड़बड़ा रहे हो अकेले में …. जब से … Read more

error: Content is protected !!