क्या बड़ी बहू होना उसका अपराध था – उर्मिला मोहता : Moral Stories in Hindi

आज मैं अपने पसंदीदा शहर पहुँची तो लगा कि ये गलियाँ ,ये हवायें और यन्हा की ख़ुशबू मेरा स्वागत कर रही है और मैं भी उन पुरानी यादों को तरोताज़ा करने के लिए  बहुत उत्सुक थी । क़रीब पाँच दशक पूर्व विवाह के बाद इस धरा पर कदम रखा था । घर की बड़ी बहू … Read more

बेचैन मन – विनय मोहन सिंह : Moral Stories in Hindi

मनोहर एक छोटे से गांव में अपने माता-पिता के साथ रहता था। उसके पिता की गांव में अपनी छोटी सी परचून की दुकान थी। जिसकी कम आमदनी से घर का खर्च बड़ी कठिनाई से चल रहा था। उसके माता-पिता ने मनोहर की शादी पास के ही गांव में एक साधारण परिवार में की थी। अब … Read more

बड़ी बहू… एक जिम्मेदारी – हेमलता गुप्ता : Moral Stories in Hindi

बड़ी बहू.. इस बार तुम्हारे पिताजी ने यह क्या किया सभी के लिए कपड़े अपने आप ही भेज दिए हर बार तो हमारी पसंद के कपड़ों का ही कहते थे, 8 साल हो गए तुम्हारी शादी को आज तक कभी उन्होंने ऐसा नहीं किया मुझे तो लगता है तुम्हारे ऊपर भी छोटी बहू के घर … Read more

अटल विश्वास – सुनीता माथुर  : Moral Stories in Hindi

शेफाली जब इंजीनियरिंग के फर्स्ट ईयर में आती है, तभी उसकी दोस्ती करन से हो जाती है और धीरे-धीरे उनकी दोस्ती इतनी बढ़ जाती है कि प्यार में बदल जाती है शेफाली और करन दोनों ही एक छोटे शहर से आकर गुड़गांव में अपनी इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर रहे थे, जब भी समय मिलता दोनों … Read more

बड़ी बहू : Moral Stories in Hindi

बड़ी बहू…..बड़ी बहू….. ये आवाज सुनते ही राशि अपने हाथ का काम छोड़कर आंगन में बैठी अम्मा की ओर दौड़ी जो सब्जी वाले से सब्जियां ले रही थी। उसे देखते ही अम्मा चिल्लाई, ‘ थोड़ा और देरी से आ जाती, कब से सास चिल्ला रही है, पर तुझे तो परवाह ही नहीं है, कहां रह … Read more

बड़ी भाभी – के कामेश्वरी : Moral Stories in Hindi

गिरिजा रसोई में खाना बनाने में व्यस्त थी क्योंकि उसे आज कम से कम आठ लोगों के लिए टिफ़िन बाँधनी थी क्योंकि आज से ही स्कूल कॉलेज खुल गए थे । ननद के दो बेटे और दूर के रिश्तेदार के दो बेटे तथा उसके खुद के दो बच्चे पति और उनके मुँह बोले भाई आए … Read more

मुन्नी बाई और सरसों का साग – संध्या त्रिपाठी : Moral Stories in Hindi

      अब तू कॉलबेल बजा कर , घर से बुलाकर सब्जी बेचेगी मुन्नी बाई……कढ़ाई में तेल चढ़ाई हूं जल जाएगा ……अच्छा बता क्या है …..?  आराधना ने  खीझते हुए पूछा …. मेमसाहब सरसों का साग है… ले लीजिए…. अरे नहीं नहीं मुन्नी बाई , आज नहीं लूंगी ….थोड़ा जल्दी में हूं और वैसे भी कौन बीनेगा … Read more

बड़ी बहू – मधु वशिष्ठ : Moral Stories in Hindi

बचपन से ही ताई का रुबाब देखा था मम्मी तो मम्मी दादी भी उनकी बात को काट नहीं पाती थी बस कोने में माला लेकर बैठ जाती थी। जब मेरे विवाह की बात चली और मुझे पता चला कि घर में मुझे बड़ी बहू बनना होगा तो मेरी खुशी का कोई ठिकाना नहीं था। घर … Read more

होते है कुछ दोस्त ऐसे – रश्मि प्रकाश : Moral Stories in Hindi

निकेतन कई दिनों से परेशान था उसे समझ नहीं आ रहा था कैसे वो अपनी बीमार माँ और पत्नी से अपनी परेशानी शेयर करे… कभी कभी तो उसके दिमाग में बुरे विचार भी आने लगते… नाते रिश्तेदारों ने भी अपने हालात का हवाला देकर पहले ही हाथ खींच लिए थे ऐसे में वो ज़िन्दगी से … Read more

वक्त पर काम आना – अमित रत्ता : Moral Stories in Hindi

मानव और मनमीत दोनो एक ही गांव से थे दोनो ही गरीब परिवारों के थे मनमीत मानव से सात साल बड़ा था जो कि शहर में छोटी मोटी नौकरी कर रहा था और मनमीत नौकरी की तलाश में था कुछ जगह धक्के खाने के बाद उसने विदेश जाने का मन बनाया गांव की सोसाइटी में … Read more

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