मोहभंग – शिव कुमारी शुक्ला : Moral Stories in Hindi

रागी एक सुन्दर मेधावी सर्व गुण संपन्न छात्रा थी इसी कारण वह स्कूल, कॉलेज में टॉपर रहती आईं थी। कॉलेज में अन्य गतिविधियों में भी वह बढ़-चढ़कर भाग लेती और कई ईनाम एवं शील्डस उसके कमरे की शोभा बढ़ा रहे थे।वह बहुत ही मिलनसार,सरल स्वभाव की थी एवं अपने साथीयों की मदद करने को तत्पर … Read more

मीरा – के कामेश्वरी : Moral Stories in Hindi

मीरा कहाँ मर गई है ? कब से पुकार रही हूँ सोनी रो रही है ।  सुनाई नहीं दे रहा है क्या? क्या कर रही है ? कहते हुए रिया रसोई से कमरे की तरफ़ आती है क्योंकि उसकी बच्ची रो रही थी और वह खुद अपना काम छोड़कर आती है और देखती है कि … Read more

सिंदूर… – रश्मि झा मिश्रा : Moral Stories in Hindi

…दरवाजा अम्मा ने ही खोला था…  धड़ाम से दरवाजा बंद होने की आवाज सुन… काजल ने सिया की तरफ घूर कर देखा… ” बोला था ना… दरवाजा खोल दो… रीता आ रही होगी…!” ‘ सॉरी मां… पर क्या हुआ…!” ” कुछ नहीं… तुम जाओ… स्कूल जाओ…!”   काजल ने टिफिन का ढक्कन बंद कर… उसके बैग … Read more

नज़रिया अपना अपना – ऋतु दादू : Moral Stories in Hindi

निशि के सामने वाले घर मेें शर्मा परिवार रहता है ,परिवार मेें रीमा भाभी,भइया और उनका बेटा नीरज, बहू विधि है। बेटा और बहु दोनो अच्छी नौकरी में हैं। घर में हर तरह की सुख सुविधा है, प्रत्येक कार्य के लिए बाई लगी हुई है, कुल मिलाकर बहुत ही सुखी परिवार है।निशि अक्सर रीमा भाभी … Read more

सिन्दूर – डाॅक्टर संजु झा : Moral Stories in Hindi

जिन्दगी में सिन्दूर का बंधन आरंभ में सुगंधित फूलों के झोंके के समान प्रतीत होता है,परन्तु कभी-कभी वह झोंका क्षणभंगुर साबित हो जाता है।पलभर के सुगंधित झोंकों के सहारे केवल सिन्दूर के नाम पर पूरी जिन्दगी काटनी  मुश्किल हो जाती है।पति-पत्नी दाम्पत्य-जीवन निभाने के लिए अग्नि के समक्ष सात फेरे लेते हैं,परन्तु उन सात फेरों … Read more

एक औरत की जिम्मेदारियां कभी खत्म नहीं होती – मंजू ओमर : Moral Stories in Hindi

क्या मम्मी इतनी देर हो गई अभी तक नाश्ता नहीं बना क्या,अरे बेटा बना रही हूं आज जरा उठने में देर हो गई रात में नींद नहीं आई थी ,बस सबको सबकुछ समय पर ही चाहिए जरा से आगे पीछे हो जाए तो सब सुनाने लगेंगे क्या कर रही थी अभी तक ये काम नहीं … Read more

सिंदूर की आभा – श्वेता अग्रवाल : Moral Stories in Hindi

जानकी जैसे ही सिंदूर खेला खेल कर  आई, राम ने पीछे से उसे पकड़ लिया, जानकी शरमा कर बोली, “ये क्या कर रहे हैं, छोड़िए!” “छोड़ने के लिए थोड़ी पकड़ा है।” राम मुस्कुरा कर बोला।  यह सुनते ही जानकी के चेहरे की सिंदूरी आभा शर्म की लाली से मिलकर और भी सुनहरी हो गई। “प्लीज, … Read more

सिंदूर की डिबिया – कविता झा ‘अविका’ : Moral Stories in Hindi

ठक ठक ठक की लगातार आती आवाज से सुधा की धड़कनें चलती ट्रेन की तरह धड़क रही थी। दो दिन हो गए थे उसके पति सुबोध को घर से गए हुए।  घर में दिवाली की तैयारी के लिए मरम्मत का काम चल रहा था। मजदूर मिस्त्री को पैसे देने थे और करवा चौथ के लिए … Read more

सबसे मंहगा जेवर – शुभ्रा बैनर्जी : Moral Stories in Hindi

“गोमती को वादा किया था मैंने,इस बार मंगलसूत्र के लॉकेट को थोड़ा और वजनी कर दूंगा।पता है माधवी,कितना वजन बढ़ाने को कहा था उसने?अपने माथे की बड़ी सिंदूरी बिंदी जितना।करवा चौथ तक रुक नहीं सकती थी क्या तुम्हारी आई?ऐसे बिना मुझसे बोले तो कभी ,कहीं नहीं जाती थी।इस बार कैसे चली गई?वो भी हमेशा के … Read more

आखिर अति जो उतार रखी थी – शिखा जैन : Moral Stories in Hindi

“ये तो होना ही था,आखिर अति जो उतार रखी थी” बड़ बड़ करती हुई मांजी अपने कमरे में चली गयी।पास ही बैठी मैं स्तब्ध थी ।सोच रही थी कि कितना फर्क होता है सोच में एक सास के मन मे बेटी और बहु के प्रति। मेरे ससुर दो भाईयो में बड़े थे। चाचा जी का … Read more

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