मन का रिश्ता – नीलम शर्मा : Moral Stories in Hindi

संगीता की शादी को सात साल बीत चुके थे । इस बीच में उसके पति अभय का पांचवी बार ट्रांसफर हुआ था। यूं तो वह बहुत मिलनसार और हंसमुख स्वभाव की थी। सबसे जल्दी ही घुल- मिल जाती थी । लेकिन जहां शादी के बाद वह पहली बार अपने पति के साथ नौकरी पर गई, … Read more

पराए रिश्ते की गहरी छाप – अमिता कुचया : Moral Stories in Hindi

नताशा के यहां खुशी का माहौल था। आखिर उसके देवर की शादी जो तय हो गयी थी। वह लिस्ट बना रही थी कि किस- किस को आमंत्रण पत्र भेजना है। फिर वह पुरानी यादों में खो गयी। उसे शादी के दस साल पहले की घटना याद आ गयी। नताशा की परीक्षा ही पूरी हुई थी, … Read more

मन का रिश्ता – रश्मि झा मिश्रा : Moral Stories in Hindi

अनजाने माहौल में… घर से हजारों किलोमीटर की दूरी पर… अनुराधा अपने पति का हाथ थामे… शादी के बंधन में बंधी… पहुंच गई…  गांव से शहर आने का जोश… एक अलग होता है… पर यहां उसे शहर की चकाचौंध छोड़… गांव में आना पड़ा…  शिवम की पोस्टिंग… तमिलनाडु के छोटे से कस्बे में हो गई … Read more

मन का रिश्ता – गीता वाधवानी : Moral Stories in Hindi

 फाइनली, आज रोहित ने हमेशा के लिए कोलकाता छोड़कर मुंबई जाने का फैसला कर लिया था। मुंबई में उसने एक अच्छी जॉब भी ढूंढ ली थी,हालांकि कोलकाता से उसका मनका रिश्ता था।आखिर बचपन से वही पला बढा था लेकिन अब बचा ही क्या था वहां उसके लिए। 2 साल का था जब पिताजी गुज़र गए … Read more

बड़ी मम्मा : Moral Stories in Hindi

नीलम, जिसे घर में सब प्यार से नीलू कहते थे, अपनी बड़ी बहन पायल के साथ एक छोटे, मगर प्यार भरे परिवार में पली-बढ़ी थी। पायल उम्र में नीलू से लगभग दस साल बड़ी थी, लेकिन दोनों के बीच का रिश्ता सिर्फ बहनों का नहीं, बल्कि दोस्ती और माँ-बेटी जैसा था। पायल ने अपनी छोटी … Read more

आवाज उठाना – मंजू ओमर : Moral Stories in Hindi

आज सिया के ऊपर दीपक ने जैसे ही हाथ उठाया सिया ने दीपक का हाथ कसकर पकड़ लिया और जोर से झटक दिया, अचानक इस झटके से दीपक वहीं जमीन में गिरते गिरते बचा।वो बड़े आश्चर्य से फटी आंखों से सिया को देख रहा था और सोचने लगा इतनी हिम्मत कहां से आ गई आज … Read more

मन का रिश्ता – डॉ आभा माहेश्वरी : Moral Stories in Hindi

“ऊँची ऊँची पर्वत श्रृंखलाओं से घिरा– चहुँओर हरियाली का श्रृंगार किये– कौसानी की एक अलग ही मनोरम छटा– जो देखता वो मनमुग्ध होजाता– अपने को ही विस्मृत कराने की कला थी –अद्भुत पर्वतीय प्रदेश कौसानी में।वहीं रहता था कामिनी का परिवार– पहाड़ों की शैली में रमा हुआ– वो ही पारम्परिक परिधान– साज सज्जा सब वहीं … Read more

मन का रिश्ता – खुशी : Moral Stories in Hindi

दोस्तो कई बार हमारे घर के खून के रिश्ते हमारे साथ नहीं जुड़ पाते अपितु पराए हमारे अपने हो जाते है।जानकी अमेरिका के एयरपोर्ट पर खड़ी थी।आज पहली बार वो अमेरिका आई थीं।बहु रजनी की पहली डिलिवरी के लिए ।जानकी एक 50 वर्ष की महिला थी जिन्होंने अपने घर,पति और बच्चों में ही अपनी जिंदगी … Read more

जहां चाह वहीं राह – डॉ बीना कुण्डलिया : Moral Stories in Hindi

 राधा ओ राधा …..अरी कहां मर गई, काम की न काज की… । सौतेली मां की आवाज सुनकर राधा हड़बड़ाईं किताब एक तरफ रखकर सीधे रसोईघर में घुस गई माँ के गुजरने के बाद सौतेली माँ ने इसी शर्त में पढ़ने की इजाजत दी थी घर के सारे काम यथा समय उसके द्वारा निपटा दिये … Read more

झूठी मां – संध्या त्रिपाठी : Moral Stories in Hindi

   तेरे शादी करके चले जाने से मैं अकेली रह जाऊंगी ….इसलिए तू अभी शादी नहीं करेगी….. अरे न जाने किस मिट्टी की बनी है तू मेरी पोती ( श्रुति )…… शायद उसी मिट्टी की ….जिससे तेरी मां बनी थी….!       मेरे कुछ अमानवीय व्यवहार जो मैंने कभी तेरी मां के साथ किया था…. तुझे भी तो … Read more

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